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एडीएम को ज्ञापन सौंप कर बताई समस्या
Updated Fri, 19 Jan 2018 09:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। प्रदूषित पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडीएम चंबा से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल किरपा राम, बजरो राम, कैलाश, जगदीश सिंह, भिंदर, पीनो राम, रूमालो राम और रोशन लाल ने बताया कि ग्राम पंचायत बैली के गांव कड़पेई और चयूगेठ गांव के लोगों ने अपना श्मशानघाट घरमाणी से बदलकर गना नाला में शिफ्ट कर दिया है, जहां वे मृतकों का संस्कार कर रहे हैं। साथ ही बचे हुए अवशेषों को नाले में बहा दिया जाता है। इस नाले के पानी को ग्राम पंचायत वैली, रजेरा और करियां की करीब चार हजार आबादी प्रयोग में ला रही है। जबकि, इस तरह का प्रदूषित जल प्रयोग के लिए सही नहीं रहता है। बीते दिनों भी यहां एक शव को जलाया गया, जिसकी वजह से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि कड़पेई और चयूगेठ के लोगों को हिदायत दी जाए कि वे शवों का संस्कार नाले से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर करें या फिर उन्हें पुराने स्थल घरमाणी में ही संस्कार करने के आदेश दिए जाएं।
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चंबा। प्रदूषित पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडीएम चंबा से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल किरपा राम, बजरो राम, कैलाश, जगदीश सिंह, भिंदर, पीनो राम, रूमालो राम और रोशन लाल ने बताया कि ग्राम पंचायत बैली के गांव कड़पेई और चयूगेठ गांव के लोगों ने अपना श्मशानघाट घरमाणी से बदलकर गना नाला में शिफ्ट कर दिया है, जहां वे मृतकों का संस्कार कर रहे हैं। साथ ही बचे हुए अवशेषों को नाले में बहा दिया जाता है। इस नाले के पानी को ग्राम पंचायत वैली, रजेरा और करियां की करीब चार हजार आबादी प्रयोग में ला रही है। जबकि, इस तरह का प्रदूषित जल प्रयोग के लिए सही नहीं रहता है। बीते दिनों भी यहां एक शव को जलाया गया, जिसकी वजह से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि कड़पेई और चयूगेठ के लोगों को हिदायत दी जाए कि वे शवों का संस्कार नाले से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर करें या फिर उन्हें पुराने स्थल घरमाणी में ही संस्कार करने के आदेश दिए जाएं।