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लिंडी बेई गांव में ग्रामीणों के लिए खतरा बना बिजला का सड़ चुका खंभा
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कभी भी गिर सकता है बिजली का सड़ चुका खंभा
लिंडी बेई गांव में लकड़ी का सहारा देकर टिकाया गया है खंभा, कभी भी हो सकता है हादस
अमर उजाला ब्यूरो
खज्जियार (चंबा)। ग्राम पंचायत खज्जियार के लिंडी बेई गांव में पूरी तरह सड़ चुका बिजली का खंभा कभी भी कहर बरपा सकता है। हालत यह है कि खंभे को लकड़ी के सहारे टिकाया गया है। जो कभी भी नीचे गिर सकता है। अगर ऐसा होता है तो गांव के छोटे बच्चे और अन्य लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। क्योंकि खंभा गांव के रास्ते और घर के नजदीक लगा हुआ है। इस खंभे को बदलने के लिए ग्रामीण बिजली बोर्ड को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में बोर्ड की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इस कारण ग्रामीणों में बोर्ड के प्रति गहरा रोष है।
ग्रामीणों में सुनील कुमार, नरेश कुमार, अमर चंद, सुरेंद्र, सुरेश, पृथी चंद और मदन कुमार ने बताया कि लिंडी बेई गांव में रहने वाले बीस परिवार डर के साये में रहने को मजबूर हैं। क्योंकि बिजली का खंभा कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। बोर्ड सड़ चुके खंभे को बदलने की बजाय लकड़ी का सहारा देकर खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। जो कि किसी भी दृष्टि से गांव वासियों के लिए लाभदायक नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और बोर्ड से सड़ चुके खंभे को जल्द बदलने की मांग की है।
बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता हरी सिंह ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द ही सड़ चुके खंभे के स्थान पर नया खंभा लगाया जाएगा।
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लिंडी बेई गांव में लकड़ी का सहारा देकर टिकाया गया है खंभा, कभी भी हो सकता है हादस
अमर उजाला ब्यूरो
खज्जियार (चंबा)। ग्राम पंचायत खज्जियार के लिंडी बेई गांव में पूरी तरह सड़ चुका बिजली का खंभा कभी भी कहर बरपा सकता है। हालत यह है कि खंभे को लकड़ी के सहारे टिकाया गया है। जो कभी भी नीचे गिर सकता है। अगर ऐसा होता है तो गांव के छोटे बच्चे और अन्य लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। क्योंकि खंभा गांव के रास्ते और घर के नजदीक लगा हुआ है। इस खंभे को बदलने के लिए ग्रामीण बिजली बोर्ड को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में बोर्ड की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इस कारण ग्रामीणों में बोर्ड के प्रति गहरा रोष है।
ग्रामीणों में सुनील कुमार, नरेश कुमार, अमर चंद, सुरेंद्र, सुरेश, पृथी चंद और मदन कुमार ने बताया कि लिंडी बेई गांव में रहने वाले बीस परिवार डर के साये में रहने को मजबूर हैं। क्योंकि बिजली का खंभा कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। बोर्ड सड़ चुके खंभे को बदलने की बजाय लकड़ी का सहारा देकर खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। जो कि किसी भी दृष्टि से गांव वासियों के लिए लाभदायक नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और बोर्ड से सड़ चुके खंभे को जल्द बदलने की मांग की है।
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बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता हरी सिंह ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द ही सड़ चुके खंभे के स्थान पर नया खंभा लगाया जाएगा।