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सलूणी की 43 पंचायतों में कार्यरत 92 आशा वर्करों के हाथ खाली
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की 43 पंचायतों में कार्यरत 92 आशा वर्करों को दो वर्षों से मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते आशा वर्करों को परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी हो रही है। आशा वर्कर प्रतिदिन गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा केंद्र व प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को भी लोगों तक पहुंचा रही हैं लेकिन उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। इसको लेकर आशा वर्करों में भारी रोष है। मानदेय न मिलने को लेकर आशा वर्कर कई बार स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा चुकी हैं। महीना भर कार्य करने के बाद उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो आशा वर्कर पंचायतों में जाना छोड़ देंगी। इससे स्वास्थ्य विभाग को काफी नुकसान होगा। हाल ही में प्रियुंगल दौरे पर पहुंची विधायक आशा कुमारी से भी आशा वर्करों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। इसमें आशा वर्करों ने विधायक से मानदेय दिलवाने की मांग रखी थी। इस दौरान विधायक ने आशा वर्करों को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।
सरकार को करवाय है अवगत: बीएमओ
उधर, बीएमओ डॉ. विपन ठाकुर ने बताया कि आशा वर्करों को मानदेय नहीं मिलने के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही सरकार द्वारा आशा वर्करों का रुका हुआ मानदेय जारी कर दिया जाएगा।
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सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की 43 पंचायतों में कार्यरत 92 आशा वर्करों को दो वर्षों से मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते आशा वर्करों को परिवार का पालन पोषण करने में परेशानी हो रही है। आशा वर्कर प्रतिदिन गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा केंद्र व प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को भी लोगों तक पहुंचा रही हैं लेकिन उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। इसको लेकर आशा वर्करों में भारी रोष है। मानदेय न मिलने को लेकर आशा वर्कर कई बार स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा चुकी हैं। महीना भर कार्य करने के बाद उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो आशा वर्कर पंचायतों में जाना छोड़ देंगी। इससे स्वास्थ्य विभाग को काफी नुकसान होगा। हाल ही में प्रियुंगल दौरे पर पहुंची विधायक आशा कुमारी से भी आशा वर्करों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। इसमें आशा वर्करों ने विधायक से मानदेय दिलवाने की मांग रखी थी। इस दौरान विधायक ने आशा वर्करों को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।
सरकार को करवाय है अवगत: बीएमओ
उधर, बीएमओ डॉ. विपन ठाकुर ने बताया कि आशा वर्करों को मानदेय नहीं मिलने के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही सरकार द्वारा आशा वर्करों का रुका हुआ मानदेय जारी कर दिया जाएगा।
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