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बिजली बोर्ड को आठ हजार कर्मचारियों के कंधों पर चला रही सरकार : कुलदीप
Updated Tue, 04 Dec 2018 05:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। हिमाचल बिजली बोर्ड को प्रदेश सरकार आठ हजार कर्मचारियों के कंधों पर चलाने का प्रयास कर रही है। जिससे बोर्ड में सभी व्यवस्थाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। यह बात बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पांच सालों में बोर्ड के 7000 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मगर उनके स्थान पर मात्र चार हजार लोगों की भर्ती हुई है। नई भर्ती और सेवानिवृत्ति के बीच का आंकड़ा हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर सरकार गंभीर नहीं है। बोर्ड के एक कर्मचारी को 18 ट्रांसफार्मरों की देखभाल करनी पड़ रही है।
इसके चलते कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल बिजली बोर्ड को चलाने का प्रयास कर रही है। जबकि उत्तराखंड की तुलना में हिमाचल बड़ा राज्य है। उत्तराखंड में राजस्व का सारा कार्य निजी कंपनी को दिया गया है। जबकि हिमाचल में राजस्व का सारा कार्य कर्मचारी करते हैं। सरकार आउटसोर्स पर युवाओं को नौकरी पर रखकर ठेकेदारों को लाभ देने का काम कर रही है। ठेकेदार आउट सोर्स कर्मचारियों को करोड़ों रूपये का ईपीएफ डकार चुके हैं। इसको लेकर भी सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। कायदे से इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमों के तहत वेतन नहीं मिल रहा है। आउटसोर्स कर्मचारी को मिलने वाले वेतन का हिस्सा ठेकेेदार निगल जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि अफसरशाही बिजली बोर्ड का निजीकरण करने में तुली है। सरकार में कभी एक ही मुख्य सचिव हुआ करता है। मगर आज अफसरशाही बचाने के लिए आठ मुख्य सचिव सरकार में सेवाएं दे रहे हैं। यही अफसर बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्थान पर नई भर्ती करने के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि बोर्ड में पहले से ही कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। जबकि असलियत में बोर्ड में कर्मचारियों की काफी कमी चल रही है। ठेकेदार के जरिये रखे जाने वाले आउट सोर्स कर्मचारियों से लाइन रिपेयर सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। इसकी वजह से कई हादसे देखने को मिल रहे हैं। इसमें कई युवा अपनी जान भी गंवा चुके हैं। इस मौके पर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जितेंद्र ठाकुर, चीफ आर्गनाइजर सेक्रेटरी मनोज सूद समेत जिला अध्यक्ष अनिल वर्मा और अन्य मौजूद रहे।
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