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हेपेटाइटस बी से ग्रसित महिला को ऑपरेशन के लिए भेजा 200 किमी दूर टांडा
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:59 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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प्रवीण कुमार
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चंबा। हेपेटाइटिस बी संक्रमण से ग्रसित गर्भवती महिलाओं को उपचार करवाने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा है। इसकी वजह यह है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में महिलाओं के प्रसव को लेकर सेंसिटिव ऑपरेशन थियेटर और वेक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस वजह से शनिवार को चंबा मेडिकल कॉलेज से हेपेटाइटस बी से ग्रसित गर्भवती को उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने महिला के परिजनों को साफ तौर पर कहा कि उसकी डिलीवरी चंबा में नहीं हो सकती। चंबा में डिलीवरी करवाने के लिए ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था नहीं है।
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इस बीमारी से ग्रसित महिला का प्रसव करवाने के लिए सेंसटिव ऑपरेशन थियेटर की आवश्यकता होती है। इसके अलावा प्रसव के बाद 72 घंटों के भीतर बच्चे को इस बीमारी की रोकथाम के लिए इंजेक्शन लगाना भी जरूरी होता है। मगर इसकी भी चंबा में सुविधा नहीं है। इस वजह से महिला को टांडा रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को टैक्सी के माध्यम से टांडा रवाना हो गए। अगर समय पर महिला टांडा नहीं पहुंची तो उसके बच्चे की जान को खतरा भी हो सकता है। कहने को प्रदेश सरकार चंबा में मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर हर मंच पर बड़े-बड़े दावे करती हैं। मगर मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर हैं। गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी इस प्रकार का कोई मामला आता है तो उसे ऐन मौके पर टांडा भेज दिया जाता है। कई मर्तबा मरीज समय पर टांडा नहीं पहुंच पाते। इसके कारण कई मरीजों की जान भी जा चुकी हैं।
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गर्भवती को नहीं मिल पाई एंबुलेंस सुविधा
चंबा से टांडा जाने के लिए महिला के परिजन एंबुलेंस के लिए बार-बार 108 नंबर पर फोन करते रहे। मगर उन्हें हर बार यही जवाब मिला कि तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिल सकती। हालांकि अस्पताल में एक एंबुलेंस मौजूद थी। इसे यह कहकर नहीं भेजा गया कि एंबुलेंस की ब्रेक ठीक नहीं है। इसलिए एंबुलेंस टांडा नहीं जा सकती। कुल मिलाकर चंबा में मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ जिला से बाहर जाने के लिए नहीं मिल रहा है।
महिला की सुरक्षा को देखते हुए किया टांडा रेफर : विनोद शर्मा
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस ग्रसित महिलाओं के प्रसव को लेकर उनके पास स्पेशल ऑपरेशन थियेटर की सुविधा नहीं है। इस वजह से महिला की सुरक्षा को देखते हुए टांडा रेफर किया गया।