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आजादी के सत्तर वर्षों के बाद सलूणी के कई गांव सड़क सुविधा से महरूम
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:11 PM IST
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Road Shimla
- फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। बेशक देश को आजाद हुए सत्तर वर्षों का लंबा समय बीत चुका है। मगर सलूणी के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। हालत यह है कि सड़क न होने से लोगों को मरीज को सात किमी का लंबा सफर तय करके मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क न होने से क्षेत्र विकास के मामले में भी काफी पिछड़ चुका है। इसके कारण इन गांवों में रहने वाली पांच हजार से अधिक आबादी दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत सलूणी के मूढाह-एक, दो व तीन, शलियुंड-एक व दो, शुकरेठी, झौण, कोटला, गुठाण और सुकड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों को आज भी जरूरत का सामान पीठ या खच्चर पर ढोकर लाना पड़ता है। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने कई बार ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजे। मगर अभी तक उन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण मान सिंह, दिनेश कुमार, तुला राम, नरैण सिंह, श्यामलाल, ज्ञान चंद, प्रेमचंद, मान सिंह, धर्म सिंह, मदन शर्मा और मनोज कुमार ने बताया कि गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर भी बन चुकी है। मगर सड़क बनाने को लेकर अभी तक कार्य अवार्ड नहीं किया गया है। उन्होंने प्रदेश में बनी नई सरकार से गुहार लगाई कि उपरोक्त गांव को जल्द से जल्द सड़क से जोड़ा जाए। ताकि गांव में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सड़क तक पहुंचने के लिए गांवों से सात किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है।
गांव के लिए जल्द बनाई जाएगी सड़क : अरुण पठानिया
अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि जल्द ही उपरोक्त गांव के लिए बनी डीपीआर की समीक्षा की जाएगी। सड़क को बनाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जल्द ही सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा।
सलूणी (चंबा)। बेशक देश को आजाद हुए सत्तर वर्षों का लंबा समय बीत चुका है। मगर सलूणी के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। हालत यह है कि सड़क न होने से लोगों को मरीज को सात किमी का लंबा सफर तय करके मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क न होने से क्षेत्र विकास के मामले में भी काफी पिछड़ चुका है। इसके कारण इन गांवों में रहने वाली पांच हजार से अधिक आबादी दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत सलूणी के मूढाह-एक, दो व तीन, शलियुंड-एक व दो, शुकरेठी, झौण, कोटला, गुठाण और सुकड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों को आज भी जरूरत का सामान पीठ या खच्चर पर ढोकर लाना पड़ता है। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने कई बार ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजे। मगर अभी तक उन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण मान सिंह, दिनेश कुमार, तुला राम, नरैण सिंह, श्यामलाल, ज्ञान चंद, प्रेमचंद, मान सिंह, धर्म सिंह, मदन शर्मा और मनोज कुमार ने बताया कि गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर भी बन चुकी है। मगर सड़क बनाने को लेकर अभी तक कार्य अवार्ड नहीं किया गया है। उन्होंने प्रदेश में बनी नई सरकार से गुहार लगाई कि उपरोक्त गांव को जल्द से जल्द सड़क से जोड़ा जाए। ताकि गांव में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सड़क तक पहुंचने के लिए गांवों से सात किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है।
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गांव के लिए जल्द बनाई जाएगी सड़क : अरुण पठानिया
अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि जल्द ही उपरोक्त गांव के लिए बनी डीपीआर की समीक्षा की जाएगी। सड़क को बनाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जल्द ही सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा।
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