{"_id":"626ebbe980d54210407e7aa6","slug":"31-smc-teachers-of-pangi-did-not-get-salary-chamba-news-sml4074690196","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांगी के 31 एसएमसी अध्यापकों को नहीं मिला वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांगी के 31 एसएमसी अध्यापकों को नहीं मिला वेतन
विज्ञापन
31 SMC teachers of Pangi did not get salary
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में सेवाएं देने वाले देने वाले 31 एसएमसी जेबीटी अध्यापकों को सात माह से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने उपमंडलाधिकारी पांगी को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने अध्यापकों को आ रही समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया और इसके निदान की मांग की। संघ के अध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2021 से एसएमसी जेबीटी अध्यापकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसकी वजह से उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। पांगी घाटी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र हैं। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां भी ठीक नहीं हैं।
इसके बावजूद ये अध्यापक अपनी सेवाएं यहां दे रहे हैं। इसके बदले में उन्हें मासिक वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर अध्यापकों में भारी रोष है। यहां सेवाएं देने वाले अधिकतर अध्यापक चुुराह से संबंधित हैं। जो यहां किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। अब मकान मालिक उन्हें घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। इतना ही नहीं दुकानदार उधार पर राशन देने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में इन अध्यापकों के लिए यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अध्यापकों के वेतन का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। इसके अलावा पांगी में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को जनजातीय और सर्दी भत्ता दोगुना दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने अध्यापकों को आ रही समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया और इसके निदान की मांग की। संघ के अध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि अक्तूबर 2021 से एसएमसी जेबीटी अध्यापकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसकी वजह से उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। पांगी घाटी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र हैं। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां भी ठीक नहीं हैं।
विज्ञापन
इसके बावजूद ये अध्यापक अपनी सेवाएं यहां दे रहे हैं। इसके बदले में उन्हें मासिक वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर अध्यापकों में भारी रोष है। यहां सेवाएं देने वाले अधिकतर अध्यापक चुुराह से संबंधित हैं। जो यहां किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। अब मकान मालिक उन्हें घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। इतना ही नहीं दुकानदार उधार पर राशन देने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में इन अध्यापकों के लिए यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अध्यापकों के वेतन का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। इसके अलावा पांगी में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को जनजातीय और सर्दी भत्ता दोगुना दिया जाए।
विज्ञापन