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सीविल अस्पताल तीसा में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, लोग परेशान
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:56 PM IST
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तीसा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, एक डॉक्टर के भरोसे सवा लाख की आबादी
अस्पताल में रोजाना 250 मरीजों की ओपीडी, घंटों कतारों में खड़े होकर भी नहीं मिलता इलाज
सरकार की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही जनता, दो डॉक्टरों को बिना व्यवस्था कर दिया ट्रांसफर
अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी संस्थान सिविल अस्पताल तीसा में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा चुकी हैं। आलम, यह है कि चुराह विस क्षेत्र की सवा लाख की आबादी एकमात्र चिकित्सक के भरोसे हैं। जबकि रोजाना सिविल अस्पताल तीसा में 250 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इकलौते चिकित्सक के लिए उनका उपचार करना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि ओपीडी के बाहर मरीजों को घंटों उपचार के लिए खड़े होना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं भी नाममात्र ही हैं। इस वजह से ज्यादातर टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को 60 किमी दूर जिला मुख्यालय चंबा जाना पड़ता है। वहीं, अस्पताल में तैनात चिकित्सक चाह कर भी अवकाश पर नहीं जा सकता है। चिकित्सालय पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, उस पर अब यहां से दो चिकित्सकों का सरकार ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए स्थानांतरित कर दिया गया है। यही वजह है मजबूरी में लोगों को भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि विधानसभा क्षेत्र चुराह स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ता ही जा रहा है। आलम, ये है कि कहने को तो 42 पंचायतों के बाशिंदों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीविल अस्पताल तीसा को खोल दिया गया है। लेकिन, स्टाफ की कमी से जूझ रहे सिविल अस्पताल तीसा की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो येह भी है कि विधानसभा उपाध्यक्ष एवं चुराह के विधायक हंसराज का विस क्षेत्र होने के बाद भी अस्पताल में चल रही स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए अभी तक प्रयास तक नहीं किए जा सके हैं। देहात सुधार समिति तीसा के बीआर राठौर ने कहा कि ने बताया कि तीसा में मरीज बीमारी से कम और अस्पताल में जाकर ज्यादा बीमार हो रहे हैं। क्योंकि डॉक्टर के खाली पदों के कारण ओपीडी के बाहर काफी भीड़ होती है। इस कारण मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं। अस्पताल में रोजाना 250 की ओपीडी है। अस्पताल में 50 बैड की सुविधा है। 35 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
अस्पताल में यह पद हैं खाली
सिविल अस्पताल तीसा में खंड चिकित्सा अधिकारी का एक पद, चिकित्सा अधिकारी दो पद, फार्मासिस्ट तीन पद, दंत चिकित्सक एक पद, दंत स्वास्थिक एक पद, नेत्र सहायक एक पद, एक्सरे तकनीशियन एक पद, प्रयोगशाला तकनीशियन एक पद, एफएचएस एक पद, एमएचएस एक पद, प्रयोगशाला तकनीशियन एक पद खाली पड़ा है।
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यह क्षेत्र हैं तीसा अस्पताल में निर्भर
चुराह विस क्षेत्र की पंचायत बैरागढ़, देवीकोठी, टेपा, सनवाल, देहग्रा, झझाकोठी, मंगली, सेईकोठी, भंजराडू, जुंगरा, खजुआ, लैसुई, बघेईगढ़, चरड़ा, चांजू, देहरा, जसौरगढ, दयोला, कुलेल इत्यादि से लोग सीविल अस्पताल तीसा में उपचार के लिए आते हैं।
इनसेट
स्वास्थ्य निदेशालय को करवा दिया है समस्या बारे अवगत : वाईडी शर्मा
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही डॉक्टर की तैनाती होने की संभावना है।
इनसेट
विस उपाध्यक्ष एवं चुराह के विधायक हंसराज ने बताया कि राजस्थान से उनकी तीसा में आने की योजना थी। लेकिन, चुराह के बाशिंदों की ज्वलंत समस्या के बारे में जैसे ही उन्हें जानकारी मिली। वह तीसा आने के जगह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। उन्हें समस्या के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि तीसा अस्पताल में रिक्त चिकित्सकों के पदों को भर दिया जाएगा। इसके साथ ही वह स्वयं तीसा में 100 बिस्तरों के अस्पताल का शिलान्यास करेंगे।
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अस्पताल में रोजाना 250 मरीजों की ओपीडी, घंटों कतारों में खड़े होकर भी नहीं मिलता इलाज
सरकार की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही जनता, दो डॉक्टरों को बिना व्यवस्था कर दिया ट्रांसफर
अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी संस्थान सिविल अस्पताल तीसा में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा चुकी हैं। आलम, यह है कि चुराह विस क्षेत्र की सवा लाख की आबादी एकमात्र चिकित्सक के भरोसे हैं। जबकि रोजाना सिविल अस्पताल तीसा में 250 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इकलौते चिकित्सक के लिए उनका उपचार करना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि ओपीडी के बाहर मरीजों को घंटों उपचार के लिए खड़े होना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं भी नाममात्र ही हैं। इस वजह से ज्यादातर टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को 60 किमी दूर जिला मुख्यालय चंबा जाना पड़ता है। वहीं, अस्पताल में तैनात चिकित्सक चाह कर भी अवकाश पर नहीं जा सकता है। चिकित्सालय पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, उस पर अब यहां से दो चिकित्सकों का सरकार ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए स्थानांतरित कर दिया गया है। यही वजह है मजबूरी में लोगों को भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि विधानसभा क्षेत्र चुराह स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ता ही जा रहा है। आलम, ये है कि कहने को तो 42 पंचायतों के बाशिंदों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीविल अस्पताल तीसा को खोल दिया गया है। लेकिन, स्टाफ की कमी से जूझ रहे सिविल अस्पताल तीसा की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो येह भी है कि विधानसभा उपाध्यक्ष एवं चुराह के विधायक हंसराज का विस क्षेत्र होने के बाद भी अस्पताल में चल रही स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए अभी तक प्रयास तक नहीं किए जा सके हैं। देहात सुधार समिति तीसा के बीआर राठौर ने कहा कि ने बताया कि तीसा में मरीज बीमारी से कम और अस्पताल में जाकर ज्यादा बीमार हो रहे हैं। क्योंकि डॉक्टर के खाली पदों के कारण ओपीडी के बाहर काफी भीड़ होती है। इस कारण मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं। अस्पताल में रोजाना 250 की ओपीडी है। अस्पताल में 50 बैड की सुविधा है। 35 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
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अस्पताल में यह पद हैं खाली
सिविल अस्पताल तीसा में खंड चिकित्सा अधिकारी का एक पद, चिकित्सा अधिकारी दो पद, फार्मासिस्ट तीन पद, दंत चिकित्सक एक पद, दंत स्वास्थिक एक पद, नेत्र सहायक एक पद, एक्सरे तकनीशियन एक पद, प्रयोगशाला तकनीशियन एक पद, एफएचएस एक पद, एमएचएस एक पद, प्रयोगशाला तकनीशियन एक पद खाली पड़ा है।
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यह क्षेत्र हैं तीसा अस्पताल में निर्भर
चुराह विस क्षेत्र की पंचायत बैरागढ़, देवीकोठी, टेपा, सनवाल, देहग्रा, झझाकोठी, मंगली, सेईकोठी, भंजराडू, जुंगरा, खजुआ, लैसुई, बघेईगढ़, चरड़ा, चांजू, देहरा, जसौरगढ, दयोला, कुलेल इत्यादि से लोग सीविल अस्पताल तीसा में उपचार के लिए आते हैं।
इनसेट
स्वास्थ्य निदेशालय को करवा दिया है समस्या बारे अवगत : वाईडी शर्मा
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही डॉक्टर की तैनाती होने की संभावना है।
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विस उपाध्यक्ष एवं चुराह के विधायक हंसराज ने बताया कि राजस्थान से उनकी तीसा में आने की योजना थी। लेकिन, चुराह के बाशिंदों की ज्वलंत समस्या के बारे में जैसे ही उन्हें जानकारी मिली। वह तीसा आने के जगह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। उन्हें समस्या के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि तीसा अस्पताल में रिक्त चिकित्सकों के पदों को भर दिया जाएगा। इसके साथ ही वह स्वयं तीसा में 100 बिस्तरों के अस्पताल का शिलान्यास करेंगे।