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चंबा मेडिकल कॉलेज में नौकरी छोड़ रहे डॉक्टर, सरकार नहीं गंभीर
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:06 PM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज में नौकरी छोड़ रहे डॉक्टर, सरकार नहीं गंभीर
नेत्र विभाग से दो और स्त्री रोग विभाग से तीन डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने की सूचना
डॉक्टरों के जाने से मेडिकल कॉलेज के तीसरे सत्र पर मंडराया खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज से आए दिन कोई न कोई डॉक्टर नौकरी छोड़कर दूसरे स्वास्थ्य संस्थान में जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को नियमित नहीं कर रही है। इसकी वजह से डॉक्टर अपने गृह राज्य में लौट रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में चंबा मेडिकल कॉलेज डॉक्टरों कमी भारी कमी हो जाएगी। इससे चंबा मेडिकल कॉलेज के तीसरे सत्र पर भी अनिश्चितताओं के बादल मंडरा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के हर विभाग में कम से कम तीन डॉक्टर होना अनिवार्य है। मगर चंबा में कई विभाग एक ही डॉक्टर के सहारे चल रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के साथ-साथ ओपीडी भी देखनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज का नेत्र और स्त्री रोग विभाग खाली हो गया है। नेत्र विभाग से दो डॉक्टर चंबा से जा चुके हैं। अब नेत्र विभाग की पूरी जिम्मेवारी एकमात्र डॉक्टर पर आ गई है। इन्हें मरीजों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर और दूसरे अस्पतालों में प्रतिनियुक्ति पर भी जाना पड़ता है। इसकी वजह से डॉक्टर मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग से एक डॉक्टर तबादला हो चुका है। जबकि दो डॉक्टरों की प्रमोशन हो चुकी है। इस वजह से विभाग में भी तीन डॉक्टरों की कमी हो गई है। वहीं हड्डी रोग विभाग से भी एक डॉक्टर जाने की तैयारी में है। उनकी भी दूसरे स्वास्थ्य संस्थान के लिए प्रमोशन हो चुकी है। अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला मरीज उपचार करवाने के लिए आती हैं। मगर डॉक्टर न होने की वजह से महिलाओं को टांडा या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। अगर सरकार मेडिकल कॉलेज में अनुबंध में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को नियमित करती है तो वह दूसरे संस्थानों में भविष्य नहीं तलाशेंगे। चंबा मेडिकल कॉलेज में ही सेवाएं देेंगे। इससे जिला की छह लाख आबादी को भी लाभ मिलेगा। डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन डॉ. अशोक शर्मा ने बताया उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो इस बारे में सरकार से बात की जाएगी।
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नेत्र विभाग से दो और स्त्री रोग विभाग से तीन डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने की सूचना
डॉक्टरों के जाने से मेडिकल कॉलेज के तीसरे सत्र पर मंडराया खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज से आए दिन कोई न कोई डॉक्टर नौकरी छोड़कर दूसरे स्वास्थ्य संस्थान में जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को नियमित नहीं कर रही है। इसकी वजह से डॉक्टर अपने गृह राज्य में लौट रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में चंबा मेडिकल कॉलेज डॉक्टरों कमी भारी कमी हो जाएगी। इससे चंबा मेडिकल कॉलेज के तीसरे सत्र पर भी अनिश्चितताओं के बादल मंडरा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के हर विभाग में कम से कम तीन डॉक्टर होना अनिवार्य है। मगर चंबा में कई विभाग एक ही डॉक्टर के सहारे चल रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के साथ-साथ ओपीडी भी देखनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज का नेत्र और स्त्री रोग विभाग खाली हो गया है। नेत्र विभाग से दो डॉक्टर चंबा से जा चुके हैं। अब नेत्र विभाग की पूरी जिम्मेवारी एकमात्र डॉक्टर पर आ गई है। इन्हें मरीजों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर और दूसरे अस्पतालों में प्रतिनियुक्ति पर भी जाना पड़ता है। इसकी वजह से डॉक्टर मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग से एक डॉक्टर तबादला हो चुका है। जबकि दो डॉक्टरों की प्रमोशन हो चुकी है। इस वजह से विभाग में भी तीन डॉक्टरों की कमी हो गई है। वहीं हड्डी रोग विभाग से भी एक डॉक्टर जाने की तैयारी में है। उनकी भी दूसरे स्वास्थ्य संस्थान के लिए प्रमोशन हो चुकी है। अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला मरीज उपचार करवाने के लिए आती हैं। मगर डॉक्टर न होने की वजह से महिलाओं को टांडा या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। अगर सरकार मेडिकल कॉलेज में अनुबंध में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को नियमित करती है तो वह दूसरे संस्थानों में भविष्य नहीं तलाशेंगे। चंबा मेडिकल कॉलेज में ही सेवाएं देेंगे। इससे जिला की छह लाख आबादी को भी लाभ मिलेगा। डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन डॉ. अशोक शर्मा ने बताया उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो इस बारे में सरकार से बात की जाएगी।