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दिघाई के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम
Updated Tue, 01 May 2018 10:58 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो
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सुरंगाणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की दूरस्थ ग्राम पंचायत दिघाई के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा से महरूम हैं। अगर यहां कोई बीमार हो जाता है तो उसे उपचार के लिए बीस किलोमीटर दूर सुंडला और सलूणी जाना पड़ता है। आपात स्थिति में कई बार मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही दम तोड़ जाता है।
ग्रामीणों की मानें तो पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र खोलने के बारे में वह स्वास्थ्य विभाग से कई बार मांग कर चुके हैं। मगर अभी तक इस बारे में कोई सकारात्मक पहल विभाग ने नहीं की है। वहीं दूसरी ओर चुनावों के समय नेता यहां स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा करते हैं। मगर चुनाव जीत जाने के बाद यहां का रुख करना जरूरी नहीं समझते। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।
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जानकारी के अनुसार भंडार गांव पंचायत का केंद्र है। अगर यहां स्वास्थ्य केंद्र खुल जाए तो पंचायत की दो हजार की आबादी को इसका फायदा मिलेगा। ग्रामीण संजीव कुमार, चंपा देवी, सरोज देवी, राकेश कुमार, रेखा देवी, धीरज सिंह, गौरा देवी, देवेंद्र कुमार, उषा देवी, बिमला देवी, रोशन लाल, संतोष कुमारी, अमित कुमार, राकेश कुमार, संजय कुमार, रमेश कुमार, कमलेश कुमार और दीपक कुमार का कहना है कि कोई भी स्वास्थ्य केंद्र न होने के चलते गांव भंडार, दिघाई, सलेई ,जैसरी ,भैडोग, प्रजणा, टुकरेड, गंगला, कंडोला, शाला और समोगा समेत कई गांव के लोगों की सेहत राम भरोसे है। इलाके में स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए कोई भी संस्थान नहीं है।
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ऐसे में अगर इन गांवों में कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे पीठ पर या पालकी में उठाकर सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद वाहन में डालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुडंला-सलूणी या फिर चंबा पहुंचना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वह कई मर्तबा भंडार में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोलने की मांग उठा चुके हैं। मगर आश्वासनों के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द उक्त पंचायत में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली जाए।