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चंबा में सरकारी स्कूलों का रहा दबदबा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। सोमवार को घोषित हुए जमा दो कक्षा के वार्षिक परीक्षा में निजी स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। जिले से निजी स्कूलों का कोई भी छात्र या छात्रा जमा दो की बोर्ड परिणाम में मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाया है। जबकि, सरकारी स्कूलों के दो विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाकर परचम लहरा दिया है।
गौरतलब है कि जिले में पचास के करीब हाई और सीनियर सेकेंडरी निजी स्कूल हैं लेकिन इस बार निजी स्कूलों से कोई भी विद्यार्थी मेरिट सूची में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है। जबकि, बग्गी स्कूल के छात्र नरेश कुमार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा की छात्रा नेहा कुमारी ने क्रमश: आठवां और दसवां स्थान हासिल कर जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। अक्सर निजी स्कूल सरकारी स्कूलों के मुकाबले बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए खुशनुमा माहौल के दावे करते हैं लेकिन नरेश और नेहा ने जता दिया है कि अगर कोई पढ़ाई में दिलचस्पी रखता हो तो वे सरकारी स्कूलों से भी उच्च स्थान हासिल कर सकता है। कुल मिलाकर चंबा जिले के दो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का मेरिट सूची में स्थान पक्का करना एक बड़ी उपलब्धि है।
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चंबा। सोमवार को घोषित हुए जमा दो कक्षा के वार्षिक परीक्षा में निजी स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। जिले से निजी स्कूलों का कोई भी छात्र या छात्रा जमा दो की बोर्ड परिणाम में मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाया है। जबकि, सरकारी स्कूलों के दो विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाकर परचम लहरा दिया है।
गौरतलब है कि जिले में पचास के करीब हाई और सीनियर सेकेंडरी निजी स्कूल हैं लेकिन इस बार निजी स्कूलों से कोई भी विद्यार्थी मेरिट सूची में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है। जबकि, बग्गी स्कूल के छात्र नरेश कुमार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा की छात्रा नेहा कुमारी ने क्रमश: आठवां और दसवां स्थान हासिल कर जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। अक्सर निजी स्कूल सरकारी स्कूलों के मुकाबले बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए खुशनुमा माहौल के दावे करते हैं लेकिन नरेश और नेहा ने जता दिया है कि अगर कोई पढ़ाई में दिलचस्पी रखता हो तो वे सरकारी स्कूलों से भी उच्च स्थान हासिल कर सकता है। कुल मिलाकर चंबा जिले के दो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का मेरिट सूची में स्थान पक्का करना एक बड़ी उपलब्धि है।
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