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दो सालों से नहीं मिला पंचायत प्रेरकों को मानदेय
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चंबा। निरक्षरों को पढ़ाने और प्रदेश सरकार की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने वाले पंचायत प्रेरक दो वर्षों से मानदेय को तरस रहे हैं। मानदेय की अदायगी न होने से जिले के 566 प्रेरकों को परिवारों का पालन-पोषण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत प्रेरकों की मानें तो वे कई बार जिला प्रशासन से मांग उठा चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक उनकी समस्या का समाधान तक नहीं हो पाया है।
ऐसे में प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष अयूब खान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पंचायत प्रेरकों की मांगों को पूरा करवाने की मांग उठाई है। गौरतलब हो कि आठ सालों से पंचायत प्रेरक नियमित रूप से सेवाएं देते आ रहे हैं। पंचायत प्रेरकों ने एक तरफ जहां निरक्षरों को पढ़ाया है।
इसके साथ ही सरकार की योजनाओं को भी ग्रामीणों तक पहुंचाया है। जिलाध्यक्ष अयूब खान ने बताया कि जिले में कार्यरत 566 प्रेरकों को दो सालों से मानदेय की अदायगी नहीं की गई है। इसके चलते उन्हें परिवार पालन पोषण में काफी दिक्कतें पेश आ रही है। हालांकि इस बारे में वे कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके है। लेकिन, अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
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ऐसे में प्रेरक संघ के जिलाध्यक्ष अयूब खान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पंचायत प्रेरकों की मांगों को पूरा करवाने की मांग उठाई है। गौरतलब हो कि आठ सालों से पंचायत प्रेरक नियमित रूप से सेवाएं देते आ रहे हैं। पंचायत प्रेरकों ने एक तरफ जहां निरक्षरों को पढ़ाया है।
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इसके साथ ही सरकार की योजनाओं को भी ग्रामीणों तक पहुंचाया है। जिलाध्यक्ष अयूब खान ने बताया कि जिले में कार्यरत 566 प्रेरकों को दो सालों से मानदेय की अदायगी नहीं की गई है। इसके चलते उन्हें परिवार पालन पोषण में काफी दिक्कतें पेश आ रही है। हालांकि इस बारे में वे कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके है। लेकिन, अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
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