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दर्जी की बेटी अंजलि ने पास की नीट परीक्षा, देश में 23वां रैंक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। शहर से सटी ग्राम पंचायत मंगला के गांव प्रोंता निवासी अंजलि देवी ने नीट की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 23वां रैंक हासिल कर चंबा का नाम रोशन किया है। परीक्षा में अनुसूचित जनजाति श्रेणी से संबंधित अंजलि ने 606 अंक हासिल किए हैं। अंजलि के पिता विक्रम दर्जी का काम करते हैं। जबकि माता गृहिणी है। बेटी की इस उपलब्धि पर अभिभावक गदगद हैं। वहीं, अंजलि की उपलब्धि पर बधाई देने के लिए रिश्तेदार और सगे संबंधी पहुंच रहे हैं। अंजलि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मंगला स्कूल में पूरी की।
इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में अंजलि का चयन हुआ। दसवीं तक की पढ़ाई अंजलि ने जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में पूरी की। इसके बाद अंजलि ने जमा एक और जमा दो की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय सिलवास्सा से पूरी की। अंजलि की प्रतिभा को देखते हुए दक्षणा एनजीओ के पदाधिकारियों ने दो साल की कोचिंग दिलवाई।
यह कोचिंग जवाहर नवोदय विद्यालय सिलवास्सा में ही अंजलि ने हासिल की। कोचिंग का पूरा खर्च संस्था की ओर से किया गया। अमर उजाला से बात करते हुए अंजलि ने बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद से ही उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने हर समय उनका पूरा सहयोग दिया। अंजलि ने दक्षणा एनजीओ का भी आभार जताया है।
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चंबा। शहर से सटी ग्राम पंचायत मंगला के गांव प्रोंता निवासी अंजलि देवी ने नीट की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 23वां रैंक हासिल कर चंबा का नाम रोशन किया है। परीक्षा में अनुसूचित जनजाति श्रेणी से संबंधित अंजलि ने 606 अंक हासिल किए हैं। अंजलि के पिता विक्रम दर्जी का काम करते हैं। जबकि माता गृहिणी है। बेटी की इस उपलब्धि पर अभिभावक गदगद हैं। वहीं, अंजलि की उपलब्धि पर बधाई देने के लिए रिश्तेदार और सगे संबंधी पहुंच रहे हैं। अंजलि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मंगला स्कूल में पूरी की।
इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में अंजलि का चयन हुआ। दसवीं तक की पढ़ाई अंजलि ने जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में पूरी की। इसके बाद अंजलि ने जमा एक और जमा दो की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय सिलवास्सा से पूरी की। अंजलि की प्रतिभा को देखते हुए दक्षणा एनजीओ के पदाधिकारियों ने दो साल की कोचिंग दिलवाई।
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यह कोचिंग जवाहर नवोदय विद्यालय सिलवास्सा में ही अंजलि ने हासिल की। कोचिंग का पूरा खर्च संस्था की ओर से किया गया। अमर उजाला से बात करते हुए अंजलि ने बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद से ही उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने हर समय उनका पूरा सहयोग दिया। अंजलि ने दक्षणा एनजीओ का भी आभार जताया है।
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