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एंबुलेंस नहीं मिलने पर शिशु की मौत मामले में बिठाई जांच
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चंबा। समय से एंबुलेंस नहीं मिलने से हुई नवजात शिशु की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच बिठा दी है। इसका जिम्मा एसडीएम चंबा को सौंपा गया है। एसडीएम दीप्ति मंढोत्रा सोमवार को अस्पताल में एंबुलेंस वाहनों की स्थिति को लेकर रिकॉर्ड की जांच करेंगी। इस हादसे से प्रदेश में एंबुलेंस सेवाओं की पोल पूरी तरह से खुल गई है।
बहरहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच बिठा दी गई है। गौरतलब है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से शनिवार को पांच दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई। दुखद यह रहा कि नवजात का पिता 12 घंटे एंबुलेंस के लिए यहां-वहां भटकता रहा। लेकिन उसे हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद देर रात एंबुलेंस मिली लेकिन लाहड़ू कालीघार के पास सड़क बंद होने के बाद परिजनों को नवजात को चुवाड़ी लाना पड़ा, जहां पर उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में आखिरकार लापरवाही किसकी है, इस बारे में पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि चंबा की अधिकतर एंबुलेंस खराब हैं। इस कारण बेहतर सेवा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते रेफर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे किए जाते हैं। लेकिन अकसर गंभीर स्थिति में सरकारी तंत्र फेल हो जाता है। एसडीएम चंबा दीप्ती मंढोत्रा ने बताया कि सोमवार को इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। कहा कि आखिरकार इस मामले में गलती कहां हुई है, इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
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बहरहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच बिठा दी गई है। गौरतलब है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से शनिवार को पांच दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई। दुखद यह रहा कि नवजात का पिता 12 घंटे एंबुलेंस के लिए यहां-वहां भटकता रहा। लेकिन उसे हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद देर रात एंबुलेंस मिली लेकिन लाहड़ू कालीघार के पास सड़क बंद होने के बाद परिजनों को नवजात को चुवाड़ी लाना पड़ा, जहां पर उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में आखिरकार लापरवाही किसकी है, इस बारे में पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि चंबा की अधिकतर एंबुलेंस खराब हैं। इस कारण बेहतर सेवा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते रेफर मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे किए जाते हैं। लेकिन अकसर गंभीर स्थिति में सरकारी तंत्र फेल हो जाता है। एसडीएम चंबा दीप्ती मंढोत्रा ने बताया कि सोमवार को इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। कहा कि आखिरकार इस मामले में गलती कहां हुई है, इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
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