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बंदरों के आतंक के बावजूद चंबा में बढ़ रही मक्की के बीजों की डिमांड
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चंबा। चंबा में बंदरों के आतंक के बावजूद मक्की के बीजों की डिमांड साल दर साल बढ़ती जा रही है। पिछले साल विभाग ने जहां 1450 क्विंटल मक्की का बीज मंगवाया था। इस साल मक्की के बीज की डिमांड में 150 क्विंटल बढ़कर 1600 क्विंटल पहुंच गई है। एक तरफ जहां किसान बंदरों के आतंक से परेशान है, तो वहीं मक्की की डिमांड बढ़ती जा रही है। कृषि विभाग ने बीजों के विक्रय के लिए विक्रय केंद्रों में तैनात कर्मचारियों को भी आदेशित कर दिया है। विभाग के मुताबिक जल्द ही मक्की के बीज की डिमांड चंबा पहुंचेंगी।
इसके बाद इसे विक्रय के लिए विभिन्न केंद्रों में भेज दिया जाएगा। जिससे किसानों को नजदीकी विक्रय केंद्र में ही मक्की का बीज उपलब्ध हो सके। गौरतलब हैै कि जिला चंबा में मक्की की बिजाई अधिक होती है। चुराह, सलूणी, किहार और जुम्महार जैसे क्षेत्रों में यही सीजन की एक ही फसल होती है। वहीं, दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र करियां, उदयपुर, भनौता, सरू, चीहमा और साहो में किसान मक्की की बिजाई तो करते हैं। लेकिन बंदरों के आतंक से उन्हें काफी नुकसान पिछले चार सालों से उठाना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर जिले में बंदरों के आतंक के बावजूद मक्की के बीज की डिमांड बढ़ती जा रही है। कृषि उपनिदेशक चंबा बीएस भट्ट ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस बार 1600 क्विंटल मक्की के बीज की डिमांड भेजी गई है। पिछले साल की अपेक्षा 150 क्विंटल अधिक हैै। जैसे ही बीज पहुंचेगा, वितरण केंद्रों में भेज दिया जाएगा। जहां किसान बीज की खरीद आसानी से कर पाएंगे।
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इसके बाद इसे विक्रय के लिए विभिन्न केंद्रों में भेज दिया जाएगा। जिससे किसानों को नजदीकी विक्रय केंद्र में ही मक्की का बीज उपलब्ध हो सके। गौरतलब हैै कि जिला चंबा में मक्की की बिजाई अधिक होती है। चुराह, सलूणी, किहार और जुम्महार जैसे क्षेत्रों में यही सीजन की एक ही फसल होती है। वहीं, दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र करियां, उदयपुर, भनौता, सरू, चीहमा और साहो में किसान मक्की की बिजाई तो करते हैं। लेकिन बंदरों के आतंक से उन्हें काफी नुकसान पिछले चार सालों से उठाना पड़ रहा है।
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कुल मिलाकर जिले में बंदरों के आतंक के बावजूद मक्की के बीज की डिमांड बढ़ती जा रही है। कृषि उपनिदेशक चंबा बीएस भट्ट ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस बार 1600 क्विंटल मक्की के बीज की डिमांड भेजी गई है। पिछले साल की अपेक्षा 150 क्विंटल अधिक हैै। जैसे ही बीज पहुंचेगा, वितरण केंद्रों में भेज दिया जाएगा। जहां किसान बीज की खरीद आसानी से कर पाएंगे।
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