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चार महिला विशेषज्ञ होने के बावजूद एंबुलेंस में हो रहे प्रसव
Updated Thu, 04 Oct 2018 09:24 PM IST
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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में चार महिला विशेषज्ञ होने के बावजूद भी गर्भवतियों को प्रसव के लिए टांडा या शिमला रेफर किया जा रहा है। सीरियस केस तो अस्पताल से रेफर हो ही रहे हैं। कई ऐसे केस भी अस्पताल से रेफर किए जा रहे हैं जिसमें प्रसव नॉर्मल हो सकता था। ऐसा ही एक वाकया बुधवार शाम को देखने को मिला। बुधवार शाम चार बजे चंबा मेडिकल कॉलेज से एक गर्भवती महिला को उस समय टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जब उसकी डिलीवरी किसी भी समय हो सकती थी। डॉक्टरों ने परिजनों को तर्क दिया कि महिला का अस्पताल में प्रसव नहीं हो सकता। प्रसव के लिए उन्हें टांडा जाना पड़ेगा।
डॉक्टरों द्वारा रेफर करने के बाद परिजन महिला को 108 एंबुलेंस के जरिए टांडा को रवाना हो गए। जब 32 मील के पास पहुंचे तो महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। एंबुलेंस चालक लोकेश व ईएमटी अनिल ने समझदारी व सूझबूझ से काम लेते हुए एंबुलेंस को रोक महिला का सकुशल प्रसव करवाया। दस मिनट के अंदर महिला ने एक लड़के को जन्म दिया। महिला व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। 32 मील से एंबुलेंस कर्मचारियों ने महिला व नवजात को शाहपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां पर उन्हें भर्ती करवाया गया। ऐसे में चंबा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। यह पहली बार नहीं हुआ है कि गर्भवती को एन मौके पर टांडा के लिए रेफर किया गया हो। ऐसा पहले भी कई मर्तबा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज से रेफर होने वाली गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस में बच्चों को जन्म दे रही हैं। इसमें डॉक्टरों की विशेषता शक के कटघरे में आ रही है। मेडिकल कॉलेज चंबा के एमएस डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि ये मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि ऐसी बात है तो उक्त मामले की गहनता से छानबीन की जाएगी।
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डॉक्टरों द्वारा रेफर करने के बाद परिजन महिला को 108 एंबुलेंस के जरिए टांडा को रवाना हो गए। जब 32 मील के पास पहुंचे तो महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। एंबुलेंस चालक लोकेश व ईएमटी अनिल ने समझदारी व सूझबूझ से काम लेते हुए एंबुलेंस को रोक महिला का सकुशल प्रसव करवाया। दस मिनट के अंदर महिला ने एक लड़के को जन्म दिया। महिला व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। 32 मील से एंबुलेंस कर्मचारियों ने महिला व नवजात को शाहपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां पर उन्हें भर्ती करवाया गया। ऐसे में चंबा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। यह पहली बार नहीं हुआ है कि गर्भवती को एन मौके पर टांडा के लिए रेफर किया गया हो। ऐसा पहले भी कई मर्तबा हो चुका है। मेडिकल कॉलेज से रेफर होने वाली गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस में बच्चों को जन्म दे रही हैं। इसमें डॉक्टरों की विशेषता शक के कटघरे में आ रही है। मेडिकल कॉलेज चंबा के एमएस डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि ये मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि ऐसी बात है तो उक्त मामले की गहनता से छानबीन की जाएगी।
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