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जनजातिय क्षेत्र पांगी में लगे सरकार व प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी की समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने रैली निकाली। इस दौरान सरकार व प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगे। रैली आवासीय आयुक्त कार्यालय से शुरू होते हुए किलाड़ बाजार से फूलयात्रा मैदान पहुंची। जहां पर एक जनसभा भी आयोजित हुई। इसमें कई वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। बीडीसी अध्यक्ष योग राज ने कहा कि घाटी की समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधि चार दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। परंतु सरकार व प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहे हैं। यदि सरकार व प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करते तो तीन दिन के बाद दोबारा विशाल रैली का आयोजन होगा। इसमें घाटी के ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहभागिता करके विशाल जनसमूह तैयार किया जाएगा। रैली के बाद आवासीय आयुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पांगी घाटी के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। घाटी में असुविधाओं का भंडार है। जिसे सरकार दूर नहीं कर पा रही है। उधर, एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों के मांग पत्र को सरकार को भेज दिया गया है।
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी की समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने रैली निकाली। इस दौरान सरकार व प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगे। रैली आवासीय आयुक्त कार्यालय से शुरू होते हुए किलाड़ बाजार से फूलयात्रा मैदान पहुंची। जहां पर एक जनसभा भी आयोजित हुई। इसमें कई वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। बीडीसी अध्यक्ष योग राज ने कहा कि घाटी की समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधि चार दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। परंतु सरकार व प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहे हैं। यदि सरकार व प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करते तो तीन दिन के बाद दोबारा विशाल रैली का आयोजन होगा। इसमें घाटी के ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहभागिता करके विशाल जनसमूह तैयार किया जाएगा। रैली के बाद आवासीय आयुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पांगी घाटी के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। घाटी में असुविधाओं का भंडार है। जिसे सरकार दूर नहीं कर पा रही है। उधर, एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों के मांग पत्र को सरकार को भेज दिया गया है।