फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   15 to 20 percent water reduction in water sources

जलस्रोतों में घटा 15 से 20 फीसदी पानी

Tue, 05 Apr 2022 10:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:30 PM IST
विज्ञापन
15 to 20 percent water reduction in water sources
चंबा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में ही भीषण गर्मी से लोग बेहाल होने लगे हैं। बढ़ती गर्मी के कारण पहाड़ियों पर गिरी बर्फ भी समय से पहले ही पिघल गई है नतीजतन, अब चुराह घाटी में जलसंकट गहरा सकता है। वर्तमान में चुराह घाटी के प्राकृतिक जलस्रोतों में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी का स्तर कम हो गया है। ऐसे में यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो क्षेत्र में पानी के अभाव में हाहाकार मच सकता है। अधिकारी पेयजल की समस्या से निपटने के लिए यथासंभव हैंडपंप स्थापित करने और टैंकरों की व्यवस्था की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन

चुराह घाटी की 55 पंचायतों में शामिल ग्राम पंचायत तीसा, तीसा द्वितीय, भंजराडू, खुशनगरी, पद्दर, जुंगरा, खजुआ, बिहाली, सेईकोठी, हरतवास, कुठेड़, बुदौड़ा, झझाकोठी, सनवाल, आयल, बणतंर, सतियास, बैरागढ़, बौंदेड़ी, देवीकोठी, गुडेई, थल्ली, चिल्ली, सतियौआ, टिकरीगढ़, देहरोग, बघेई, चांजू, चरड़ा, देहरा आदि की पौने दो लाख की आबादी है। यहां के ग्रामीणों को पेयजल मुहैया करवाने के लिए जलशक्ति विभाग की ओर से विभिन्न पेयजल योजनाएं संचालित की गई हैं लेकिन, इस बार समय से पहले गर्मी बढ़ने से प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी सूखना आरंभ हो गया है। प्राकृतिक जलस्रोत में घट रहा जलस्तर विभाग की चिंताएं बढ़ा रहा है।
विज्ञापन

चुराह घाटी के लेसुई और शिकारी गांव में पानी की समस्या से ग्रामीण जूझ चुके हैं हालांकि, विभाग ने समस्या का अपने स्तर पर समाधान तो करवा दिया है लेकिन, आगामी दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खेतों में सूखने लगी गेहूं और जौ की फसल
गर्मी बढ़ने से खेतों में बीजी गई गेहूं और जौ की फसल सूखने लगी है। इसके अलावा सब्जियों की पनीरी भी प्रभावित हो रही है। खेतों में बीजी गई फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसान राजीव कुमार, हरीश कुमार, कपिल कुमार, प्रमोद कुमार और नरेश कुमार ने प्रशासन और संबंधित विभाग से समय रहते उनकी मदद करने की मांग की है।

जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केवल शर्मा ने कहा कि बारिश हो जाती है तो इससे समस्या हल हो सकती है। जलस्रोतों में और पानी सूखता है तो हैंडपंप स्थापित करेंगे और टैंकरों की व्यवस्था भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed