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वैली और रजेरा के दो दर्जन गांव दूषित पानी पीने का मजबूर
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। ग्राम पंचायत वैली और रजेरा के दो दर्जन गांव में रहने वाली आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसकी वजह यह है कि गांव में पेयजल सप्लाई देने वाले नाले में शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इससे पानी दूषित हो रहा है। गन्ना के पास गढ़ नाले के साथ ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। शव को जलाने के बाद बचने वाले अवशेष, धूल और मिट्टी नाले के पानी में फेंके जा रहे हैं। जोकि लोगों के पीने के लिए बने स्टोरेज टैंक में जाकर घुल रहे हैं। इससे स्टोरेज टैंक का सारा पानी दूषित हो रहा है। इसी दूषित पानी को ग्राम पंचायत रजेरा, बैली और करियां के दर्जनों गांव में रहने वाली हजारों आबादी पी रही है। बुुधवार को भी गन्ना शमशान घाट जोकि गढ़ नाले के पास बनाया गया है। वहां पर एक शव का अंतिम संस्कार हुआ। इसके बचे हुए अवशेष, धूल और मिट्टी पानी में फेंक दिए गए। यह पानी के साथ बाहर स्टोरेज टैंक में जाकर जमा हो गए। इस स्टोरेज टैंक से ककला, करियां, खबाडू, चुकरा, बनाड़, रजेरा, जंजला, वैली, थल्ला और सलोल सहित अन्य गांव में पेयजल सप्लाई होती है। इन गांव में रहने वाली आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। हालांकि गांव के लोगों ने उपरोक्त श्मशान घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने का विरोध जताया था। मगर अभी तक श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया खत्म नहीं हो पाई है। गड़पेई और गुन्ना गांव में जब कोई व्यक्ति मरता है। तो पीने के पानी के पास जलाया जाता है। इससे पीने का पानी दूषित हो जाता है। ग्रामीण रंजीत, विपन, महिंद्र सिंह, किशन चंद, जर्म सिंह, बजीरु राम, हंसराज, देसराज, राज सिंह, राकेश, चैन सिंह, अमरो और घीमो राम ने बताया कि उपरोक्त श्मशान घाट में शवों को जलाने पर रोक लगाई जानी चाहिए। अन्यथा गांव के लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और आईपीएच विभाग से मांग की है कि उपरोक्त स्थान पर शवों के अंतिम संस्कार पर रोक लगाई जाए। साथ ही पेयजल स्टोरेज टैंक की पूर्ण रूप से सफाई की जाए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि शव को जलाने के बाद बचने वाले अवशेष, धूल मिट्टी से दूषित पानी पीने से उल्टी, दस्त जैसी बीमारी हो सकती हैं। अगर पेयजल में इस प्रकार का प्रदूषण हो रहा है, तो ग्रामीण ऐसे पानी को पीने से परहेज करें। साथ ही उल्टी, दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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जल्द किया जाएगा पेयजल स्रोत का निरीक्षण : केवल शर्मा
आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता केवल शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। जल्द ही पेयजल स्रोत का निरीक्षण किया जाएगा। अगर पानी में इस प्रकार के अवशेष और गंदगी मिल रही तो इसको लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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