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वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ संचूई के चेले पहुंचे चौरासी
Updated Thu, 13 Sep 2018 10:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरमौर (चंबा)। त्रिलोचन महादेव के वंशज और संचूई गांव के चेले वीरवार को चौरासी परिसर में पहुंचे। मणिमहेश मंदिर में ऐतिहासिक शिवलिंग में माथा टेकने के बाद चेलों ने मणिमहेश मंदिर के परिसर में डेरा डाल लिया है। इस दौरान विशेषकर जम्मू-कश्मीर से मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को उन्होंने आशीर्वाद दिया। वर्तमान समय में भी जम्मू कश्मीर से आने वाले श्रद्धालु बिना चेलों की अनुमति के मणिमहेश यात्रा के लिए नहीं जाते हैं।
त्रिलोचन महादेव के वंशज और संचूई गांव के चेले वीरवार को शिवनगरी भरमौर चौरासी मंदिर परिसर में पहुंचें। शिव चेलों ने चौरासी परिसर में पहुंच सबसे पहले मणिमहेश मंदिर में ऐतिहासिक शिव मंदिर शीश नवाया। इसके बाद चेलों ने मणिमहेश मंदिर परिसर में डेरा जमा लिया।
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इसके साथ ही यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु को यात्रा संबंधी और इसके अलावा उनकी समस्याओं के समाधान बारे में बताते दिखे। संचूई के चेले वीरवार और शुक्रवार को मणिमहेश परिसर में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। शनिवार सुबह दस बजे चेले हड़सर से होते हुए धन्छौ के लिए कूच करेंगे। इसके बाद 16 सितंबर को दोपहर चेले पवित्र मणिमहेश डल पहुंचेंगे। चेलों के पवित्र डल को पार करने के बाद शाही स्नान का आगाज होता है।
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