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हसनदीन सर्व सम्मति से बने गुज्जर कल्याण सभा चंबा के अध्यक्ष,

Sat, 15 Dec 2018 10:11 PM IST
Updated Sat, 15 Dec 2018 10:11 PM IST
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हसनदीन सर्व सम्मति से बने गुज्जर कल्याण सभा चंबा के अध्यक्ष,
हसनदीन बने गुज्जर कल्याण सभा चंबा के अध्यक्ष
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बालू में सरकार गुज्जर भवन को लेकर बजट और भूमि का करें प्रावधान
घुमंतू स्वभाव के कारण गुज्जर समुुदाय आधुनिक दौड़ में पिछड़ा : हसनदीन
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला मुख्यालय चंबा में शनिवार को जिला गुज्जर कल्याण सभा के महा अधिवेशन का आयोजन किया गया। इसमें गुज्जर समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या उपस्थिति दर्ज करवाई। इसमें चंबा, सिल्लाघ्राट, प्लयूर, तीसा और किहार सहित अन्य इलाकों से गुज्जर समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में पहुंचे। अधिवेशन में गुज्जर समुदाय के लोगों की समस्याओं पर विचार-विमर्श हुआ। ड्ढद्य दौरान गुज्जर कल्याण सभा की जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें हसनदीन को सर्वसम्मति से सभा का अध्यक्ष चुना गया। जबकि मोहम्मद रफी को महासिचव, लाल सेन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, हाजी फकीर को मुख्य सलाहकार, कासमदीन को कोषाध्यक्ष, अलादित्ता को प्रेस सचिव, इसराईल, रशीद और लतीफ को उपप्रधान, हाजी फकीर अली को सलाहकार, कासमदीन को उपप्रधान, अहमदशाह, हाजी इब्राहिम, हाजी बशीर और हाजी नूरदीन को सलाहकार बनाया गया। जबकि अमीन मोलवी, मुराद अली, फतेह मोहम्मद, गुलाम रसूल और नूर मोहम्मद को सदस्य चुना गया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने चुनाव के बाद सभा के सभी सदस्य को साथ लेकर बाजार में रैली भी निकाली। इसके बाद गुज्जर कल्याण सभा की ओर से मांगपत्र मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा गया। सभा के अध्यक्ष हसनदीन ने कहा कि चंबा जिले में गुज्जर समुदाय के काफी लोग निवास करते हैं। जिनका मुख्य व्यवसाय खेती बाड़ी और पशुपालन है। घुमंतू स्वभाव की वजह से यह समुुदाय आधुनिक दौड़ में पिछड़ गया है। समुदाय आज भी आर्थिक, शिक्षा और रोजगार के स्तर पर अन्य समुदायों से पीछे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अनुसूचित जनजाति एवं परंपरागत वन आश्रित अधिनियम 2006 के अंतर्गत चंबा जिले में एफआरसी से जिन्होंने दावे पेश किए हैं, उन्हें जल्द ही एसडीएलसी और डीएलसी में पारित कर दावेदारों को पट्टे प्रदान किए जाएं। जिन राजस्व गांव में अभी तक एफआरसी का गठन नहीं हुआ है। वहां प्रशासन ने जागरूक शिविर लगाए जाएं। बालू में गुज्जर भवन के निर्माण के लिए भूमि और बजट का प्रावधान किया जाए। इसके अलावा राज्य गुज्जर कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
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