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बिना डॉक्टर के चल रही आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मसरुंड
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:04 PM IST
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डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
अमर उजाला ब्यूरो
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पुखरी (चंबा)। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मसरुंड बिना डॉक्टर के ही चल रही है। हालत यह है कि सप्ताह में तीन दिन फार्मासिस्ट मरीजों की जांच के लिए यहां आते हैं। जबकि बाकि दिन डिस्पेंसरी बंद रहती है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में ग्राम पंचायत मसरुंड, दुलाहर, धुलाड़ा, कुठेड़ और सपड़ोट की आठ हजार आबादी अपनी बीमारी का उपचार करवाने के लिए निर्भर है। ऐसे में डिस्पेंसरी में कोई डॉक्टर नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण में महिंद्र सिंह, चैन लाल, देवी प्रसाद, अमर सिंह, सुरेश कुमार, अजय कुमार, कमल कुमार, रवि, मनीष कुमार और सूरज ने बताया कि उपरोक्त डिस्पेंसरी में डॉक्टर की तैनाती करने के लिए ग्रामीण कई बार प्रशासन और विभाग से मिल चुके हैं। मगर अभी तक डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई। इसके लिए लोगों को मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष है। चार पंचायतों के लोगों को छोटी से छोटी बीमारी का उपचार करवाने के लिए 20 किमी दूर पुखरी जाना पड़ रहा है। इसमें आधा दिन आवाजाही में ही निकल जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त डिस्पेंसरी में जल्द डॉक्टर की तैनाती की जाए। ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए दर बदर नहीं भटकना पड़े।
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