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Bilaspur News: दस दिन तक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे दावीं घाटी के युवा
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दावीं घाटी युवा सेवा दल एवं लंगर समिति। संवाद
36वें लंगर में श्रद्धालुओं को दिन-रात भोजन, 24 घंटे चिकित्सा शिविर में भी मिली सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेले के समापन के साथ दावीं घाटी युवा सेवा दल एवं लंगर समिति की ओर से लगाए गए 36वें विशाल लंगर का शनिवार को समापन हो गया। दस दिन तक चले लंगर में दूर-दूर से माता श्री नयना देवी जी के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को दिन-रात निस्वार्थ भाव से भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। समिति के दस दिवसीय चिकित्सा शिविर का भी समापन हुआ। इसमें चिकित्सकों ने 24 घंटे श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं दीं। समिति के पूर्व महासचिव प्रकाश ठाकुर ने बताया कि दावीं घाटी की सेवा वर्ष 1987 में बुजुर्गों ने पानी के लंगर से शुरू की थी। बाद में गलुआ और बड़ोह में सेवा शुरू हुई। गांव से गेहूं एकत्र कर खीर और मालपुए का प्रसाद बांटा जाने लगा और धीरे-धीरे यह सेवा विशाल लंगर में बदल गई। वर्तमान में 12 पंचायतों के सहयोग से लंगर लगाया जाता है। इस वर्ष श्रद्धालुओं को बिलासपुरी धाम समेत विभिन्न व्यंजन परोसे गए। लंगर को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों का योगदान रहा। लंगर को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष धर्मपाल, पूर्व अध्यक्ष जोगिंदर सिंह, महासचिव संजीव कटवाल, उप प्रधान रूपलाल चौधरी, कोषाध्यक्ष करतार सिंह, मुख्य सलाहकार कृष्ण लाल, गंगाराम, जिंदूराम, सोहनलाल, शशि सोनी, शुभम ठाकुर सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेले के समापन के साथ दावीं घाटी युवा सेवा दल एवं लंगर समिति की ओर से लगाए गए 36वें विशाल लंगर का शनिवार को समापन हो गया। दस दिन तक चले लंगर में दूर-दूर से माता श्री नयना देवी जी के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को दिन-रात निस्वार्थ भाव से भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। समिति के दस दिवसीय चिकित्सा शिविर का भी समापन हुआ। इसमें चिकित्सकों ने 24 घंटे श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं दीं। समिति के पूर्व महासचिव प्रकाश ठाकुर ने बताया कि दावीं घाटी की सेवा वर्ष 1987 में बुजुर्गों ने पानी के लंगर से शुरू की थी। बाद में गलुआ और बड़ोह में सेवा शुरू हुई। गांव से गेहूं एकत्र कर खीर और मालपुए का प्रसाद बांटा जाने लगा और धीरे-धीरे यह सेवा विशाल लंगर में बदल गई। वर्तमान में 12 पंचायतों के सहयोग से लंगर लगाया जाता है। इस वर्ष श्रद्धालुओं को बिलासपुरी धाम समेत विभिन्न व्यंजन परोसे गए। लंगर को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों का योगदान रहा। लंगर को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष धर्मपाल, पूर्व अध्यक्ष जोगिंदर सिंह, महासचिव संजीव कटवाल, उप प्रधान रूपलाल चौधरी, कोषाध्यक्ष करतार सिंह, मुख्य सलाहकार कृष्ण लाल, गंगाराम, जिंदूराम, सोहनलाल, शशि सोनी, शुभम ठाकुर सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।