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Bilaspur News: प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में यश चंदेल ने हासिल किया पहला स्थान
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- नखलेड़ा स्कूल में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से कराया अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नखलेहड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में यश चंदेल ने पहला, आदित्य वर्मा और चमन ने दूसरा और प्रियांश ठाकुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक रमेश चंदेल ने कहा कि घर में जिस कक्ष में कोई धूम्रपान कर रहा हो उस कक्ष में किशोर, बच्चे तथा महिलाएं न बैठें, क्योंकि पैसिव स्मोकिंग और भी ज्यादा खतरनाक है। उस धुएं के विषैले तत्व सीधे सिगरेट या बीड़ी से लिए जाने वाले धुएं की तरह छनते नहीं हैं। इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सांस के जरिए जब बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू का धुआं आपके शरीर में जाता है तो सबसे पहले आपके फेफड़ों में जाने से अस्थमा, टीबी, निमोनिया, सीओपीडी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और किशोरों के इम्यूनटी सिस्टम को कमजोर करके उनमें निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, खांसी और सांस फूलने का खतरा बढ़ जाता है। यह न सिर्फ महिलाओं बल्कि पुरुषों में भी इनफ र्टिलिटी का खतरा बढ़ाता है। साथ ही हृदय घात और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस मौके पर प्रधानाचार्य पवन चंदेल, रविकांत शर्मा, अशोक चड्ढा, पूनम, ललित, उपासना, राजेंद्र, कमल देव, महेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार, श्याम सिंह, पंकज शर्मा, संजीव चंदेल, रेनू शर्मा, किरण और बीना उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नखलेहड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में यश चंदेल ने पहला, आदित्य वर्मा और चमन ने दूसरा और प्रियांश ठाकुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक रमेश चंदेल ने कहा कि घर में जिस कक्ष में कोई धूम्रपान कर रहा हो उस कक्ष में किशोर, बच्चे तथा महिलाएं न बैठें, क्योंकि पैसिव स्मोकिंग और भी ज्यादा खतरनाक है। उस धुएं के विषैले तत्व सीधे सिगरेट या बीड़ी से लिए जाने वाले धुएं की तरह छनते नहीं हैं। इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सांस के जरिए जब बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू का धुआं आपके शरीर में जाता है तो सबसे पहले आपके फेफड़ों में जाने से अस्थमा, टीबी, निमोनिया, सीओपीडी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और किशोरों के इम्यूनटी सिस्टम को कमजोर करके उनमें निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, खांसी और सांस फूलने का खतरा बढ़ जाता है। यह न सिर्फ महिलाओं बल्कि पुरुषों में भी इनफ र्टिलिटी का खतरा बढ़ाता है। साथ ही हृदय घात और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस मौके पर प्रधानाचार्य पवन चंदेल, रविकांत शर्मा, अशोक चड्ढा, पूनम, ललित, उपासना, राजेंद्र, कमल देव, महेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार, श्याम सिंह, पंकज शर्मा, संजीव चंदेल, रेनू शर्मा, किरण और बीना उपस्थित रहे।
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