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Bilaspur News: शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से कराया अवगत
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शाहतलाई के शिशु मॉडल स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शिक्षक कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। शिशु मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक विशेष शिक्षक कार्यशाला हुई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना था। अशोका एमबीडी के संसाधन व्यक्ति रमन कुमार ने इसका संचालन किया।
कार्यशाला में शिक्षकों को अनुभवात्मक अधिगम, गतिविधि आधारित शिक्षण, रोबोटिक्स और तकनीक आधारित शिक्षा के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पारंपरिक शिक्षण के साथ गतिविधियों, प्रयोगों और तकनीकी संसाधनों को जोड़ने से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ती है। इससे उनकी रुचि, रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल भी अधिक प्रभावी बनते हैं। रमन कुमार ने शिक्षकों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि कक्षा में गतिविधि आधारित शिक्षण कैसे लागू किया जा सकता है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर विषय को समझना और उसका व्यावहारिक उपयोग सीखना है। कार्यशाला में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और उनके सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यालय की ओर से संसाधन व्यक्ति रमन कुमार का आभार व्यक्त किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। शिशु मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक विशेष शिक्षक कार्यशाला हुई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना था। अशोका एमबीडी के संसाधन व्यक्ति रमन कुमार ने इसका संचालन किया।
कार्यशाला में शिक्षकों को अनुभवात्मक अधिगम, गतिविधि आधारित शिक्षण, रोबोटिक्स और तकनीक आधारित शिक्षा के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पारंपरिक शिक्षण के साथ गतिविधियों, प्रयोगों और तकनीकी संसाधनों को जोड़ने से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ती है। इससे उनकी रुचि, रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल भी अधिक प्रभावी बनते हैं। रमन कुमार ने शिक्षकों के साथ विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि कक्षा में गतिविधि आधारित शिक्षण कैसे लागू किया जा सकता है। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर विषय को समझना और उसका व्यावहारिक उपयोग सीखना है। कार्यशाला में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और उनके सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यालय की ओर से संसाधन व्यक्ति रमन कुमार का आभार व्यक्त किया गया।
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