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Bilaspur News: घुमारवीं में पशुपालकों को रेबीज से बचाव की दी जानकारी
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विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित
पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण कराने और काटने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह
पालतू-आवारा कुत्तों का किया टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर को घुमारवीं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 50 पशुपालकों और किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों को रेबीज की रोकथाम और बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
उपमंडलीय पशु चिकित्सालय घुमारवीं और संबंधित पशु चिकित्सा संस्थानों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पशुपालकों को रेबीज के लक्षण, बचाव के तरीके और पशुओं के समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें पालतू कुत्तों का नियमित रेबीज टीकाकरण करवाने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही, कुत्ते के काटने पर बिना देरी चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।
अभियान के तहत पालतू और आवारा कुत्तों का रेबीज टीकाकरण भी किया गया। 1962 एमवीयू के माध्यम से भी कुत्तों का टीकाकरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पशुओं का नियमित टीकाकरण रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। इससे पशुओं के साथ मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी मदद मिलती है।
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कार्यक्रम में उपमंडलीय पशु चिकित्सालय घुमारवीं के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी रविन्द्र कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी अनूप (कपाहड़ा), सौरभ कांत (कुठेड़ा) और आदित्य शर्मा (भराड़ी) मौजूद रहे। अधिकारियों ने पशुपालकों को रेबीज से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों और समय पर टीकाकरण की जानकारी दी।
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पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण कराने और काटने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह
पालतू-आवारा कुत्तों का किया टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर को घुमारवीं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 50 पशुपालकों और किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों को रेबीज की रोकथाम और बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
उपमंडलीय पशु चिकित्सालय घुमारवीं और संबंधित पशु चिकित्सा संस्थानों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पशुपालकों को रेबीज के लक्षण, बचाव के तरीके और पशुओं के समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें पालतू कुत्तों का नियमित रेबीज टीकाकरण करवाने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही, कुत्ते के काटने पर बिना देरी चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।
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अभियान के तहत पालतू और आवारा कुत्तों का रेबीज टीकाकरण भी किया गया। 1962 एमवीयू के माध्यम से भी कुत्तों का टीकाकरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पशुओं का नियमित टीकाकरण रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। इससे पशुओं के साथ मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी मदद मिलती है।
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कार्यक्रम में उपमंडलीय पशु चिकित्सालय घुमारवीं के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी रविन्द्र कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी अनूप (कपाहड़ा), सौरभ कांत (कुठेड़ा) और आदित्य शर्मा (भराड़ी) मौजूद रहे। अधिकारियों ने पशुपालकों को रेबीज से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों और समय पर टीकाकरण की जानकारी दी।