फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Work on the state's first digital university will begin soon: Dharmani

प्रदेश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी का जल्द शुरू होगा काम : धर्माणी

Mon, 27 Oct 2025 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Oct 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
Work on the state's first digital university will begin soon: Dharmani
300 करोड़ रुपये की लागत से कसारू में बनेगी अत्याधुनिक यूनिवर्सिटी
विज्ञापन


ग्रामीण, दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को बिना शहर गए ही मिलेगी उच्च स्तरीय शिक्षा

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने जा रही है। यह विश्वविद्यालय पंचायत सियूं के अंतर्गत कसारू में 300 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और सरकार ने निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। धर्माणी ने सोमवार को सियूं में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगी। डिजिटल यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा,डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर, मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीक से जुड़े उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि डिजिटल लर्निंग मोड और वर्चुअल लैब की मदद से विद्यार्थी अपनी गति से सीख सकेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को बिना बड़े शहर गए ही उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। धर्माणी ने कहा कि इस परियोजना से घुमारवीं क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास नई दिशा में आगे बढ़ेगा और रोजगार के बड़े अवसर उत्पन्न होंगे। कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य नए स्कूल खोलने के बजाय मौजूदा शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार करना है। बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 100 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध किए जा रहे हैं। इनमें घुमारवीं, भराड़ी और हटवाड़ के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। साथ ही, सरकार का प्रयास है कि कपाहड़ा में चौथा सीबीएसई स्कूल खोला जाए।
विज्ञापन



इनसेट
सुख शिक्षा योजना से बच्चों को सहारा
धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित और दिव्यांग माता-पिता के बच्चों की शिक्षा का सारा खर्च सरकार उठा रही है। पात्र बच्चों के आरडी खातों में 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि जमा कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श अस्पताल
मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श अस्पताल स्थापित कर रही है, जहां कम से कम 6 विशेषज्ञ डॉक्टर पहले से तैनात हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।

इनसेट
प्राकृतिक खेती में अग्रणी राज्य बना हिमाचल
धर्माणी ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में प्रदेश की 3,584 पंचायतों के 2,22,893 किसान 38,437 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। अब तक 3.06 लाख किसानों और बागवानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed