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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Women should come forward in every field and raise their voice for themselves.

सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक उत्थान ही सही मायने में महिला सशक्तिकरण

Sat, 30 Apr 2022 01:36 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 01:36 AM IST
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Women should come forward in every field and raise their voice for themselves.
बिलासपुर। अमर उजाला फांउडेशन के अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शिवा बीएड कॉलेज घुमारवीं में शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला सशक्तीकरण विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं से सशक्तीकरण की राह पर अग्रसर होने की अपील की। कहा कि, हर क्षेत्र में आगे आकर अपने लिए खुद आवाज बुलंद करें महिलाएं।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी रंजना शर्मा ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक उत्थान ही सही मायने में महिला सशक्तीकरण है। इस राह में अग्रसर होकर महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आना होगा। अधिकारों के लिए सजग रहकर खुद भी आवाज उठानी होगी। शिवा बीएड कॉलेज संस्थान के प्रबंधक पुरुषोत्तम शर्मा और कॉलेज प्राचार्य सुनील शर्मा भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कॉलेज प्रशिक्षुओं को महिला सशक्तीकरण विषय पर उपयोगी जानकारी व प्रोत्साहन देने के लिए अमर उजाला फाउंडेश के इस अभियान की सराहना की। कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बेटियों को सशक्त बनाने के लिए कारगर सिद्ध होते हैं।
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महिलाएं सशक्त तभी होंगी जब वह शिक्षित होंगी : रंजना
सीडीपीओ रंजना ने बताया कि महिलाएं सशक्त तभी होंगी जब वह शिक्षित होंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं में ठहराव की क्षमता है। इसलिए, महिलाएं नौकरी करने वाली ही नहीं नौकरी देने वाली भी बन सकतीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य प्राप्त करना है तो उसके लिए दिनचर्या में बदलाव लाना बहुत आवश्यक है।
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समाज की सोच में बदलाव जरूरी : सुनील
प्राचार्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान हर नारी का अधिकार है। बेटियों और महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदली है। बावजूद इसके अभी भी बड़े बदलाव की जरूरत है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने अपराजिता अभियान को एक अनूठी पहल बताया।
महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं : वसु
शिक्षिका वसु चंदेल ने कहा कि महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। महिला अपने जीवन में त्याग करके अपना घर चलाती है। अगर महिला कुछ करने की ठान लें तो कुछ भी कर सकती है।
प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रहीं बेटियां : स्वाति
स्वाति ठाकुर ने कहा कि वह शिक्षिका बनना चाहती हैं। आज बेटियां सशक्त बनकर प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रहीं हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से बेटियों का हौसला बढ़ता है।
कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला : अनीता
अनीता ने बताया कि कार्यक्रम में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। मुख्यातिथि ने आगे बढ़ने के सुझाव काफी कारगर साबित होंगे। अब अगर आगे बढ़ना है तो हमें मेहनत करनी होगी।
सब कुछ एक नारी ही संभाल सकती है : शालिमा
शालिमा ने कहा कि पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारयिों को नारी ही मजबूती से संभाल सकती है। नारी को सुरक्षा मिलेगी तभी वह सशक्त होंगी।
जहां नारी की पूजा होती हैं वहीं देवता निवास करते हैं : नैंसी
नैंसी ने कहा कि जहां नारी की पूजा होती हैं वहीं देवता निवास करते हैं। अगर नारी को अच्छी शिक्षा मिलती है तभी वह आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को भी प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम महिलाओं को मिलती है जानकारी : अतुल
शिक्षक अतुल ने बताया कि अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान 100 मिलियन स्माइल्स महिलाओं के लिए अच्छा कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को हर प्रकार की जानकारी मिलती है।

हर माह आयोजित हों इस तरह के कार्यक्रम : विपिन
शिक्षक विपिन चंदेल ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम हर माह आयोजित होने चाहिए। बेटियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं।
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