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Bilaspur News: ठेका हटाने के लिए महिलाओं ने दो दिन का दिया अल्टीमेटम
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कार्रवाई न होने पर एसडीएम कार्यालय घुमारवीं के बाहर देंगी धरना
ठेके के खिलाफ गांव सोई में नौ दिन से आंदोलन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के गांव सोई में खुले शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों का विरोध बीते नौ दिनों से जारी है। ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और युवा सुबह 9 से रात 10 बजे तक लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि जब तक गांव से शराब का यह ठेका नहीं हटाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दो दिन के भीतर ठेका नहीं हटाया गया, तो शुक्रवार से एसडीएम कार्यालय घुमारवीं के बाहर धरना शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को दूसरी बार उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें प्रशासन द्वारा दो दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आश्वासन के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब का ठेका गांव के सामाजिक और पारिवारिक ताने बाने को बिगाड़ रहा है। इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ठेका बंद नहीं किया गया, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ठेके को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए ताकि गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
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ठेके के खिलाफ गांव सोई में नौ दिन से आंदोलन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के गांव सोई में खुले शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों का विरोध बीते नौ दिनों से जारी है। ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और युवा सुबह 9 से रात 10 बजे तक लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि जब तक गांव से शराब का यह ठेका नहीं हटाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दो दिन के भीतर ठेका नहीं हटाया गया, तो शुक्रवार से एसडीएम कार्यालय घुमारवीं के बाहर धरना शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को दूसरी बार उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें प्रशासन द्वारा दो दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आश्वासन के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब का ठेका गांव के सामाजिक और पारिवारिक ताने बाने को बिगाड़ रहा है। इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ठेका बंद नहीं किया गया, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ठेके को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए ताकि गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
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