फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Woman's health deteriorates after private hospital alleges expired medicine

Bilaspur News: निजी अस्पताल में एक्सपायरी दवा देने का आरोप, महिला की बिगड़ी तबीयत

Sat, 23 May 2026 05:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 23 May 2026 05:39 PM IST
विज्ञापन
Woman's health deteriorates after private hospital alleges expired medicine
2537 रुपये की दवाइयों में निकली एक्सपायरी गोली, मरीज ने सीएमओ को भेजी शिकायत
विज्ञापन

बिलिंग प्रक्रिया और दवाइयों के स्टॉक की होगी जांच, आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई संभव

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। बिलासपुर शहर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज को एक्सपायरी दवाई देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीज को ऐसी दवाई दी गई जिसकी अवधि अप्रैल में ही समाप्त हो चुकी थी। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर को भेज दी गई है।
डंगार क्षेत्र की रहने वाली महिला आशा शेठी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह 22 मई को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के उपचार के लिए अस्पताल पहुंची थी। वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें बताया कि डॉक्टर सुबह साढ़े नौ बजे तक अस्पताल पहुंच जाएंगे, लेकिन काफी इंतजार के बाद डॉक्टर करीब 11 बजकर 40 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मरीजों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। महिला के अनुसार डॉक्टर ने चेकअप करने के बाद कुछ मेडिकल टेस्ट करवाए और बाद में अस्पताल से ही दवाइयां लेने के लिए कहा। आशा शेठी ने बताया कि अस्पताल की ओर से उन्हें कुल 2537 रुपये की दवाइयां दी गईं। जब उन्होंने दवाइयों का पक्का बिल मांगा तो अस्पताल की ओर से केवल एक साधारण कैश मेमो थमा दिया गया, जिस पर जीएसटी नंबर या अन्य जरूरी विवरण दर्ज नहीं थे। महिला का आरोप है कि जब उन्होंने जीएसटी सहित पक्का बिल देने की मांग की तो अस्पताल कर्मियों ने साफ तौर पर मना कर दिया।
विज्ञापन

बताया कि अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने बिलासपुर शहर में भोजन किया और डॉक्टर की ओर से दी गई दवाइयों में से एक गोली खा ली। दवाई खाने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। महिला के मुताबिक उन्हें चक्कर आने लगे और शरीर में बेचैनी महसूस होने लगी। किसी तरह वह अपने घर पहुंचीं। घर पहुंचने के बाद जब परिवार के लोगों ने दवाइयों की जांच की तो पता चला कि अस्पताल द्वारा दी गई दवाई एक्सपायर हो चुकी थी। महिला ने आरोप लगाया कि दवाई के साथ दिए गए कैश मेमो पर भी साफ तौर पर दवाई की अवधि अप्रैल माह में समाप्त होना दर्ज था। यह देखकर परिवार के लोग भी हैरान रह गए। महिला का कहना है कि यदि समय रहते दवाई की जांच न होती तो उनकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि अस्पताल द्वारा अन्य मरीजों को भी ऐसी एक्सपायर दवाइयां दी जा रही होंगी। पीड़ित महिला ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सीएमओ बिलासपुर को भेजते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान खतरे में न पड़े। सूत्रों के अनुसार लिखित शिकायत प्राप्त होने के बाद अस्पताल से संबंधित दस्तावेजों, दवाइयों के स्टॉक और बिलिंग प्रक्रिया की जांच की जा सकती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपायरी दवाइयों का सेवन मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है और कई मामलों में ऐसी दवाइयां शरीर में रिएक्शन पैदा कर मरीज की स्थिति को और खराब कर सकती हैं।

इनसेट

सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने कहा कि जैसे ही लिखित शिकायत उनके पास पहुंचेगी, निजी अस्पताल की जांच करवाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed