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Bilaspur News: विधवा एवं एकल नारी को मिलेगा पक्का आशियाना
Mon, 16 Jun 2025 11:17 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:17 PM IST
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मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत मिलेगा लाभ
-बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी की जाएंगी सुनिश्चित
-डीसी ने पात्र महिलाओं से आवेदन करने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विधवा, तलाकशुदा और एकल महिलाओं को आवासीय सहायता दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि इस योजना में पात्र महिलाओं को 3 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दो किस्तों में दी जाएगी, जिससे वे अपना पक्का घर बना सकें। योजना का उद्देश्य केवल आवास देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा व स्थायित्व प्रदान करना है। साथ ही, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी इस योजना में शामिल हैं। इस योजना में विधवा, तलाकशुदा, एकल महिला, 40 फीसदी या अधिक दिव्यांग, प्राकृतिक आपदाग्रस्त, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम महिलाएं शामिल हैं। महिला का हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होना और वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख से अधिक न होना जरूरी है। इसके अलावा, महिला के नाम कम से कम दो बिस्वा भूमि होना भी आवश्यक है। जिन्होंने पहले किसी अन्य सरकारी योजना से आवासीय लाभ लिया है, वे पात्र नहीं होंगी। आवेदन के लिए फार्म ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय, जिला कल्याण कार्यालय या पंचायती राज विभाग से लिए जा सकते हैं। इच्छुक महिलाएं https://esomsa.hp.gov.in वेबसाइट से भी आवेदन डाउनलोड कर सकती हैं। भरे हुए आवेदन पत्र संबंधित कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं।
उपायुक्त ने जन प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे योजना का अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे। जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने बताया कि पात्रता और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अब तक 30 महिलाओं के मामलों को स्वीकृति के लिए निदेशालय को भेजा गया है, जिन्हें शीघ्र ही योजना का लाभ मिलेगा। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार का संवेदनशील प्रयास है, जो महिलाओं को सम्मान, स्थायित्व और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक सशक्त कदम है।
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-बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी की जाएंगी सुनिश्चित
-डीसी ने पात्र महिलाओं से आवेदन करने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विधवा, तलाकशुदा और एकल महिलाओं को आवासीय सहायता दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि इस योजना में पात्र महिलाओं को 3 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दो किस्तों में दी जाएगी, जिससे वे अपना पक्का घर बना सकें। योजना का उद्देश्य केवल आवास देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा व स्थायित्व प्रदान करना है। साथ ही, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी इस योजना में शामिल हैं। इस योजना में विधवा, तलाकशुदा, एकल महिला, 40 फीसदी या अधिक दिव्यांग, प्राकृतिक आपदाग्रस्त, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम महिलाएं शामिल हैं। महिला का हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होना और वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख से अधिक न होना जरूरी है। इसके अलावा, महिला के नाम कम से कम दो बिस्वा भूमि होना भी आवश्यक है। जिन्होंने पहले किसी अन्य सरकारी योजना से आवासीय लाभ लिया है, वे पात्र नहीं होंगी। आवेदन के लिए फार्म ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय, जिला कल्याण कार्यालय या पंचायती राज विभाग से लिए जा सकते हैं। इच्छुक महिलाएं https://esomsa.hp.gov.in वेबसाइट से भी आवेदन डाउनलोड कर सकती हैं। भरे हुए आवेदन पत्र संबंधित कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं।
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उपायुक्त ने जन प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे योजना का अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे। जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने बताया कि पात्रता और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अब तक 30 महिलाओं के मामलों को स्वीकृति के लिए निदेशालय को भेजा गया है, जिन्हें शीघ्र ही योजना का लाभ मिलेगा। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार का संवेदनशील प्रयास है, जो महिलाओं को सम्मान, स्थायित्व और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक सशक्त कदम है।
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