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Bilaspur News: लक्ष्मण की मूर्छा टूटने पर रावण ने नींद से जगाया कुंभकरण
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घुमारवीं में आयोजित रामलीला का दृश्य। संवाद
मांस-मदिरा के प्रलोभन देकर राम से युद्ध के लिए किया राजी
लक्ष्मण और मेघनाद के बीच निर्णायक युद्ध रहा मुख्य आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। रामलीला मंचन की आठवीं संध्या में रामायण के महत्वपूर्ण युद्ध दृश्य मंचित किए गए।शुरुआत रावण के दरबार से हुई। लक्ष्मण की मूर्छा टूटने की सूचना मिलने पर रावण ने अपने पराक्रमी भाई कुंभकर्ण को नींद से जगाया और मांस-मदिरा के प्रलोभन देकर राम से युद्ध के लिए राजी किया।
इसके बाद राम और कुंभकर्ण के बीच भयंकर युद्ध ने रोमांच पैदा कर दिया। कुंभकर्ण की विशालता और वीरता को कलाकार शशि ने प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया। संध्या का मुख्य आकर्षण लक्ष्मण और मेघनाद के बीच निर्णायक युद्ध रहा। कलाकार आशीष ने मेघनाद (इंद्रजीत) की भूमिका में पराक्रम और धैर्य का परिचय दिया, जबकि भुवनेश गौतम ने लक्ष्मण की वीरता और साहस को बखूबी दर्शाया। इसके अतिरिक्त, अहिरावण और महिरावण के मायावी और रहस्यमयी दृश्य दर्शकों के लिए रोमांचक और मनोरंजक बने। राम की भूमिका में अभिषेक टेसू ने मर्यादा पुरुषोत्तम की गरिमा और आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं रविंद्र शर्मा और सुनील उप्पल ने अहिरावण और महिरावण के रूप में अपनी अभिनय कला से दर्शकों का मन मोह लिया। पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग भी इस संध्या में राम दरबार में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने दर्शकों को संबोधित करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों पर चलने और उनके मूल्य जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
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लक्ष्मण और मेघनाद के बीच निर्णायक युद्ध रहा मुख्य आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। रामलीला मंचन की आठवीं संध्या में रामायण के महत्वपूर्ण युद्ध दृश्य मंचित किए गए।शुरुआत रावण के दरबार से हुई। लक्ष्मण की मूर्छा टूटने की सूचना मिलने पर रावण ने अपने पराक्रमी भाई कुंभकर्ण को नींद से जगाया और मांस-मदिरा के प्रलोभन देकर राम से युद्ध के लिए राजी किया।
इसके बाद राम और कुंभकर्ण के बीच भयंकर युद्ध ने रोमांच पैदा कर दिया। कुंभकर्ण की विशालता और वीरता को कलाकार शशि ने प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया। संध्या का मुख्य आकर्षण लक्ष्मण और मेघनाद के बीच निर्णायक युद्ध रहा। कलाकार आशीष ने मेघनाद (इंद्रजीत) की भूमिका में पराक्रम और धैर्य का परिचय दिया, जबकि भुवनेश गौतम ने लक्ष्मण की वीरता और साहस को बखूबी दर्शाया। इसके अतिरिक्त, अहिरावण और महिरावण के मायावी और रहस्यमयी दृश्य दर्शकों के लिए रोमांचक और मनोरंजक बने। राम की भूमिका में अभिषेक टेसू ने मर्यादा पुरुषोत्तम की गरिमा और आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं रविंद्र शर्मा और सुनील उप्पल ने अहिरावण और महिरावण के रूप में अपनी अभिनय कला से दर्शकों का मन मोह लिया। पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग भी इस संध्या में राम दरबार में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने दर्शकों को संबोधित करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों पर चलने और उनके मूल्य जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
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