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घर में चल रही थी शादी की तैयारियां, बेटे के आने से पहले पहुंची मौत की खबर
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के साथ लगने वाली पंचायत के बकरोआ के गांव खुराड़ी के सैनिक संदीप कुमार के घर में शादी की तैयारियां जोरों से चल रही थीं। रिश्ते की बात घरवालों ने फाइनल कर दी थी और अब माता-पिता अपने लाल के घर आने का इंतजार कर रहे थे कि वह लड़की से मिले और शादी की तारीख पक्की की जाए। लेकिन बेटे को दूल्हा बनते देखने से पहले ही उसकी मौत की खबर पहुंच गई।
घुमारवीं के खुराड़ी गांव का संदीप अखनूर के सेना शिविर में सोमवार रात को ड्यूटी पर तैनात था। मिली जानकारी के अनुसार वहीं पर उसने सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली लेकिन परिजनों का आरोप है कि संदीप ने आत्महत्या नहीं की है, उसकी हत्या हुई है। इनका कहना है कि वे इस संबंध में घुमारवीं थाना में मामला दर्ज करवाएंगे और संदीप का खुद यहां पर पोस्टमार्टम भी करवाएंगे। संदीप के परिवार में पिता इंद्र सिंह चंदेल व भाई मनोज चंदेल दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। परिवार का इकलौता कमाने वाला संदिग्ध परिस्थितियों में दुनिया को अलविदा कह गया। संदीप के घरवाले उसकी शादी की तैयारी में जुटे थे। बहन शिशु कुमारी अपने भाई को शादी में सोने की अंगुठी देने की बात कर रही थी तो भांजा गुगनू बढ़िया पैंट-कोट खरीदने के लिए अपने पापा संजीत ठाकुर को कह रहे था। उनके सपने एकाएक चूर हो गए।
संदीप की मां ऊषा देवी को अपने बेटे पर गर्व था कि उसका बेटा 11 साल देश के लिए सेवा देता हुआ हवलदार बन गया है। वहीं बेटे को दूल्हा बनते देखने के सपने संजोकर बैठी मां को बेटे की अंतिम यात्रा देखनी पड़ रही है। संदीप कुमार जनवरी 2011 में सेना में भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि संदीप को दो गोलियां एक छाती और दूसरी गले के साथ लगी है। जिस पर परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उनका बेेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है। परिवार वाले स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज करवा रहे हैं और दोबारा पोस्टमार्टम करवाना चाहते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में स्थानीय मंत्री राजेंद्र गर्ग को भी अवगत करवा दिया गया है।
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मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उनका बेटा जो एक बहादुर सैनिक था, आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता है। जो उच्च अधिकारी उन्हें सैनिक की स्थिति के बारे में अवगत करवा रहा था, उनका भी दायित्व बनता था कि सैनिक की निगरानी रखें। मेरी संवेदनाएं परिवार वालों के साथ हैं। परिवार वाले अगर मामला दर्ज करवाना चाहते हैं तो दर्ज करवाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। जिससे एक सैनिक परिवार को न्याय मिल सके।
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घुमारवीं के खुराड़ी गांव का संदीप अखनूर के सेना शिविर में सोमवार रात को ड्यूटी पर तैनात था। मिली जानकारी के अनुसार वहीं पर उसने सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली लेकिन परिजनों का आरोप है कि संदीप ने आत्महत्या नहीं की है, उसकी हत्या हुई है। इनका कहना है कि वे इस संबंध में घुमारवीं थाना में मामला दर्ज करवाएंगे और संदीप का खुद यहां पर पोस्टमार्टम भी करवाएंगे। संदीप के परिवार में पिता इंद्र सिंह चंदेल व भाई मनोज चंदेल दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। परिवार का इकलौता कमाने वाला संदिग्ध परिस्थितियों में दुनिया को अलविदा कह गया। संदीप के घरवाले उसकी शादी की तैयारी में जुटे थे। बहन शिशु कुमारी अपने भाई को शादी में सोने की अंगुठी देने की बात कर रही थी तो भांजा गुगनू बढ़िया पैंट-कोट खरीदने के लिए अपने पापा संजीत ठाकुर को कह रहे था। उनके सपने एकाएक चूर हो गए।
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संदीप की मां ऊषा देवी को अपने बेटे पर गर्व था कि उसका बेटा 11 साल देश के लिए सेवा देता हुआ हवलदार बन गया है। वहीं बेटे को दूल्हा बनते देखने के सपने संजोकर बैठी मां को बेटे की अंतिम यात्रा देखनी पड़ रही है। संदीप कुमार जनवरी 2011 में सेना में भर्ती हुआ था। बताया जा रहा है कि संदीप को दो गोलियां एक छाती और दूसरी गले के साथ लगी है। जिस पर परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उनका बेेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है। परिवार वाले स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज करवा रहे हैं और दोबारा पोस्टमार्टम करवाना चाहते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में स्थानीय मंत्री राजेंद्र गर्ग को भी अवगत करवा दिया गया है।
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मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उनका बेटा जो एक बहादुर सैनिक था, आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता है। जो उच्च अधिकारी उन्हें सैनिक की स्थिति के बारे में अवगत करवा रहा था, उनका भी दायित्व बनता था कि सैनिक की निगरानी रखें। मेरी संवेदनाएं परिवार वालों के साथ हैं। परिवार वाले अगर मामला दर्ज करवाना चाहते हैं तो दर्ज करवाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। जिससे एक सैनिक परिवार को न्याय मिल सके।