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दो छात्रों की मौत से कोठी में शोक की लहर
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सीर खड्ड में डूबे मृतक के पिता को संभालते लोग।
- फोटो : BILASPUR
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घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी ने सीर खड्ड में एक बड़े हादसे को अंजाम दे दिया। सोमवार को हुए इस हादसे में दो घरों के इकलौते चिराग बुझ गए। खड्ड में स्कूली बच्चों के नहाने पर पाबंदी के मुद्दे पर न तो प्रशासन जागा और न ही पुलिस।
अमर उजाला पिछले कई महीनों से सीर खड्ड में स्कूली बच्चों के नहाने के मामले को उठा रहा था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने मात्र औपचारिकता निभाते हुए एक दो बार खड्ड क्षेत्र में गश्त कर औपचारिकता निभाने का ही काम किया। उसके बाद खड्ड अक्सर नहाने उतरते आ रहे बच्चों की अनदेखी होती रही। अनदेखी का खमियाजा सोमवार को दो परिवारों को अपने लाडलों को गंवा कर भुगतना पड़ा।
इस बीच, सीर खड्ड में डूबने से दो नाबालिगों की मौत से घुमारवीं के साथ लगती पंचायत कोठी में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। स्थानीय लोगों व पुलिस ने घुमारवीं अस्पताल में जैसे ही दोनों नाबालिगों के शव जीप से उतारे, परिजनों की चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मृतकों की मां अपने आंखों के चिराग के जाने के सदमे में उनका नाम लेकर फूट-फूटकर रोते हुए अपना दर्द बयां करती रहीं।
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बताते चलें कि दोनों युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतानें थी। बिलखते हुए पिता विजयपाल ने बताया कि वो अपने बेटे विपिन कुमार को सैनिक बनाने का सपना देख रहे थे। वहीं दूसरे मृतक बच्चे के पिता भागीरथ लखनपाल अपने पुत्र अनीश को उच्च अधिकारी बनाने का सपना पाले हुए थे। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सुबह स्कूल जाने और शादी के कार्यक्रम में हाथ बंटाने के लिए निकले दोनों बच्चों की दोपहर को मौत की खबर आएगी।
हादसे के बाद हर कोई परिजनों को सांत्वना देने के लिए अस्पताल में ही पहुंचा। कोठी पंचायत के प्रधान नंदलाल ने बताया कि मृतक छात्र पढ़ाई में होनहार के साथ मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे।
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अमर उजाला पिछले कई महीनों से सीर खड्ड में स्कूली बच्चों के नहाने के मामले को उठा रहा था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने मात्र औपचारिकता निभाते हुए एक दो बार खड्ड क्षेत्र में गश्त कर औपचारिकता निभाने का ही काम किया। उसके बाद खड्ड अक्सर नहाने उतरते आ रहे बच्चों की अनदेखी होती रही। अनदेखी का खमियाजा सोमवार को दो परिवारों को अपने लाडलों को गंवा कर भुगतना पड़ा।
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इस बीच, सीर खड्ड में डूबने से दो नाबालिगों की मौत से घुमारवीं के साथ लगती पंचायत कोठी में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। स्थानीय लोगों व पुलिस ने घुमारवीं अस्पताल में जैसे ही दोनों नाबालिगों के शव जीप से उतारे, परिजनों की चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मृतकों की मां अपने आंखों के चिराग के जाने के सदमे में उनका नाम लेकर फूट-फूटकर रोते हुए अपना दर्द बयां करती रहीं।
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बताते चलें कि दोनों युवक अपने माता-पिता की इकलौती संतानें थी। बिलखते हुए पिता विजयपाल ने बताया कि वो अपने बेटे विपिन कुमार को सैनिक बनाने का सपना देख रहे थे। वहीं दूसरे मृतक बच्चे के पिता भागीरथ लखनपाल अपने पुत्र अनीश को उच्च अधिकारी बनाने का सपना पाले हुए थे। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सुबह स्कूल जाने और शादी के कार्यक्रम में हाथ बंटाने के लिए निकले दोनों बच्चों की दोपहर को मौत की खबर आएगी।
हादसे के बाद हर कोई परिजनों को सांत्वना देने के लिए अस्पताल में ही पहुंचा। कोठी पंचायत के प्रधान नंदलाल ने बताया कि मृतक छात्र पढ़ाई में होनहार के साथ मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे।