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धराड़सानी में पेयजल किल्लत, पानी खरीदने को मजबूर लोग

Mon, 16 May 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Mon, 16 May 2016 11:10 PM IST
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water crisis in dhradsani
water crisis - फोटो : demo

त्राहि मची हुई है। हालत यह है कि नलों में पानी की बूंद नहीं टपक रही और पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर हैं। ऐसे में लोगों के लिए पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि लोग पानी खरीदकर गुजारा कर रहे हैं।

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आईपीएच विभाग से शिकायत के बावजूद लोगों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में सोमवार को ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय में जाकर पानी के लिए गुहार लगाई। लोगों का कहना है कि गर्मियों के इस मौसम में इंसानों के लिए ही नहीं जानवरों के लिए भी पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।
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कई घरों में आज भी नहीं नल
पिछले कई महीनों से नलों में पानी की बूंद न टपकने से नल शोपीस बन गए हैं। जबकि इसी गांव के 15 से 20 परिवार ऐसे हैं, जिनके घरों में अभी तक नल भी नहीं हैं। इससे लोगों को गर्मी के इस मौसम में पानी का इंतजाम करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल में श्याम लाल, प्रीतम, शीला, प्रेमी देवी, बर्फी देवी, जमना देवी, कमला देवी, फूलां देवी, शर्मीला, श्यामा, अमीना और यमुना सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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सूखने लगी पेयजल योजनाएं, हैंडपंप लगवाए प्रशासन
डमली पंचायत के गांव धराड़सानी, अप्पर भटेड़ और मरहोइयां गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। पंचायत प्रधान प्रेम लाल चौधरी की अगुवाई में सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त की अनुपस्थिति में एसी टू डीसी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उन्होंने बताया कि धराड़सानी सहित अन्य गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। मरहोइयां-भटेड पेयजल योजना में पानी की सप्लाई काफी कम है। इससे लोगों की दिक्कतें और अधिक बढ़ गई हैं।


लोगों को मजबूरन गाड़ियों में पानी ढोकर लाने वाले लोगों से पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। लोगों ने ज्ञापन में मांग की है कि पेयजल किल्लत के समाधान के लिए हैंडपंप लगाए जाएं और इसका कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने आईपीएच के एक्सईएन से भी मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे लोगों की दिक्कतें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

डॉ. शशिपाल शर्मा ने बताया कि एक्सईएन को हैंडपंप लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर हैंडपंप लगाने का आश्वासन दिया है।

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