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गंदले पानी के सैंपल लेकर जलशक्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
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बिलासपुर में जलशक्ति विभाग के एसई को ज्ञापन सौंपते हरनोड़ा व जमथल के पंचायत प्रतिनिधि।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। ग्राम पंचायत जमथल की प्रधान कल्पना देवी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जलशक्ति विभाग बिलासपुर के एसई को गंदे पानी की सप्लाई के बारे में शिकायत पत्र सौंपा। वहीं उन्होंने इस दौरान अपनी मांगें भी अधिकारी के समक्ष रखी। वहीं लोगों ने खुद ही गंदे पानी के सैंपल भरकर अधिकारी के समक्ष रखे। वहीं 7 करोड़ की पेयजल योजना के तहत करीब 17 वर्करों को ठेकेदार ने छह माह से वेतन नहीं दिया है। उन्हें वेतन देने की मांग की गई।
बीते दिनों सदर विधानसभा के अंतर्गत जमथल, सेड़पा, हरनोड़ा, धौण कोठी और बलोह के लोगों के लिए पेयजल योजना के एक टैंक के टूटे होने के कारण उसमें जंगली जानवरों की गंदगी और अन्य चीजें मिलने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। तीन साल से टूटे हुए इस टैंक से लोगों को गंदे पानी की सप्लाई दी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि टैंक से हर 15 दिन में पानी के सैंपल भरे जाएं। टैंकों की नियमित रूप से सफाई की जाए। पेयजल योजना पर काम करने वालों का ड्यूटी रोस्टर पंचायत प्रतिनिधियों को मुहैया करवाया जाए। ठेकेदार से हर माह कर्मचारियों का वेतन दिलवाया जाए। जमथल पंचायत को कोलडैम की नई पेयजल योजना से जोड़ा जाए। पानी की पाइपों की लीकेज को बंद करवाया जाए।
अधिवक्ता सुमन ठाकुर ने बताया कि सात करोड़ की पेयजल योजना के तहत काम कर रहे 17 वर्करों को ठेकेदार ने पिछले 6 महीने से वेतन नहीं दिया है। प्रिंसिपल इंप्लायर होने के नाते जलशक्ति विभाग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर विभाग ने ठेकेदार को पैसे दे दिए हैं तो वर्करों को वेतन क्यों नहीं मिला।
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बीते दिनों सदर विधानसभा के अंतर्गत जमथल, सेड़पा, हरनोड़ा, धौण कोठी और बलोह के लोगों के लिए पेयजल योजना के एक टैंक के टूटे होने के कारण उसमें जंगली जानवरों की गंदगी और अन्य चीजें मिलने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। तीन साल से टूटे हुए इस टैंक से लोगों को गंदे पानी की सप्लाई दी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि टैंक से हर 15 दिन में पानी के सैंपल भरे जाएं। टैंकों की नियमित रूप से सफाई की जाए। पेयजल योजना पर काम करने वालों का ड्यूटी रोस्टर पंचायत प्रतिनिधियों को मुहैया करवाया जाए। ठेकेदार से हर माह कर्मचारियों का वेतन दिलवाया जाए। जमथल पंचायत को कोलडैम की नई पेयजल योजना से जोड़ा जाए। पानी की पाइपों की लीकेज को बंद करवाया जाए।
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अधिवक्ता सुमन ठाकुर ने बताया कि सात करोड़ की पेयजल योजना के तहत काम कर रहे 17 वर्करों को ठेकेदार ने पिछले 6 महीने से वेतन नहीं दिया है। प्रिंसिपल इंप्लायर होने के नाते जलशक्ति विभाग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर विभाग ने ठेकेदार को पैसे दे दिए हैं तो वर्करों को वेतन क्यों नहीं मिला।
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