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Bilaspur News: शहर में हर साल बढ़ रहे वाहन, पार्किंग क्षमता 200 तक सिमटी
Wed, 27 Nov 2024 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:28 PM IST
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बिलासपुर शहर में निर्माणाधीन पार्किंग का भवन । संवाद
पार्किंग संकट
- तीन साल में हुआ 350 वाहनों का पंजीकरण
- सड़कों पर बेतरतीब पार्किग से यातायात हो रहा बाधित
- शहर के लोगों के अपने 1100 वाहन, बाहर से भी आते हैं सैंकड़ों
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर में पार्किंग की समस्या आम हो गई है। बोलने के लिए नगर परिषद ने हर वार्ड में पार्किंग बनाई गई है, लेकिन उनमें सिर्फ 200 वाहन खड़ा करने की क्षमता है। जबकि पिछले तीन साल में ही शहर में करीब 350 वाहनों का पंजीकरण हो चुका है।
शहर के लोगों के पास ही अपने करीब 1100 वाहन है। इसके अलावा सैकड़ों वाहन रोजाना बाहर से मुख्यालय आते हैं। पार्किंग की क्षमता नहीं बढ़ने से सड़क किनारे ही आड़े-तिरछे वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे जाम लगने से राहगीरों के साथ ही स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के बीच गांधी मार्केट और मेन मार्केट है। आसपास क्षेत्र में शॉपिंग मॉल, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सरकारी कार्यालय हैं। प्रतिदिन इन क्षेत्रों में हजारों लोगों का आवागमन होता है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों से लोग पहुंचते हैं। लेकिन, पार्किंग न होने से सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। उपायुक्त कार्यालय की ओर जाने वाले कोर्ट मार्ग पर दोनों ओर सुबह से शाम तक वाहन खड़े रहते हैं। इसी मार्ग पर स्थित चेतना चौक से पुराने पीएनबी तक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग होती है। मेन मार्केट और गांधी मार्केट में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहनों को बाजारों के बाहर गुरुद्वारा चौक और चेतना चौक के पास खड़ा करना पड़ता है। इस कारण गुरुद्वारा चौक से पालिका रेस्ट हाउस और गुरुद्वारा से मस्जिद तक सड़क पर दोनों तरफ वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। चेतना चौक से लेकर बस अड्डा और चेतना चौक से कॉलेज चौक तक भी यही स्थिति रहती है। रोजाना शाम होते ही ज्यादा जाम की समस्या बनती है। लेकिन, इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद की ओर से बनाई गई बनाई गई योजनाएं सफल नहीं होती नजर आ रही हैं। आज भी पार्किंग की समस्या जस की तस है।
इनसेट
एक पार्किंग 14 साल से बन रही, दूसरी का निर्माण नहीं हुआ शुरू
शहर में पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए गुरुद्वारा चौक और चंगर सेक्टर स्थित परिधि गृह के साथ बहुमंजिला दो पार्किंग बनाने के लिए शिलान्यास किए गए थे। गुरुद्वारा चौक के पास पार्किंग बनाने का काम साल 2011 में शुरू हुआ, लेकिन धरातल मंजिल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद साल 2013 में निर्माण बंद हो गया। इसके बाद करीब 11 साल तक निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। अब फिर से निर्माण कार्य शुरू हुआ है। दूसरी ओर परिधि गृह के पास बहुमंजिला पार्किंग के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन उसका निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। बताया जा रहा कि इस पार्किंग के निर्माण को रद्द कर दिया गया है।
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कोट
गुरुद्वारा मार्केट के पास करीब 300 वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। नगर परिषद बिलासपुर को भी संभावित जगहों पर यलो लाइन लगा कर पार्किंग स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में चरणबद्ध तरीके से पार्किंग क्षमता का बढ़ाया जा रहा है।
अभिषेक कुमार गर्ग, एसडीएम, सदर
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- तीन साल में हुआ 350 वाहनों का पंजीकरण
- सड़कों पर बेतरतीब पार्किग से यातायात हो रहा बाधित
- शहर के लोगों के अपने 1100 वाहन, बाहर से भी आते हैं सैंकड़ों
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर में पार्किंग की समस्या आम हो गई है। बोलने के लिए नगर परिषद ने हर वार्ड में पार्किंग बनाई गई है, लेकिन उनमें सिर्फ 200 वाहन खड़ा करने की क्षमता है। जबकि पिछले तीन साल में ही शहर में करीब 350 वाहनों का पंजीकरण हो चुका है।
शहर के लोगों के पास ही अपने करीब 1100 वाहन है। इसके अलावा सैकड़ों वाहन रोजाना बाहर से मुख्यालय आते हैं। पार्किंग की क्षमता नहीं बढ़ने से सड़क किनारे ही आड़े-तिरछे वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे जाम लगने से राहगीरों के साथ ही स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के बीच गांधी मार्केट और मेन मार्केट है। आसपास क्षेत्र में शॉपिंग मॉल, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सरकारी कार्यालय हैं। प्रतिदिन इन क्षेत्रों में हजारों लोगों का आवागमन होता है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों से लोग पहुंचते हैं। लेकिन, पार्किंग न होने से सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। उपायुक्त कार्यालय की ओर जाने वाले कोर्ट मार्ग पर दोनों ओर सुबह से शाम तक वाहन खड़े रहते हैं। इसी मार्ग पर स्थित चेतना चौक से पुराने पीएनबी तक वाहनों की बेतरतीब पार्किंग होती है। मेन मार्केट और गांधी मार्केट में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहनों को बाजारों के बाहर गुरुद्वारा चौक और चेतना चौक के पास खड़ा करना पड़ता है। इस कारण गुरुद्वारा चौक से पालिका रेस्ट हाउस और गुरुद्वारा से मस्जिद तक सड़क पर दोनों तरफ वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। चेतना चौक से लेकर बस अड्डा और चेतना चौक से कॉलेज चौक तक भी यही स्थिति रहती है। रोजाना शाम होते ही ज्यादा जाम की समस्या बनती है। लेकिन, इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद की ओर से बनाई गई बनाई गई योजनाएं सफल नहीं होती नजर आ रही हैं। आज भी पार्किंग की समस्या जस की तस है।
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इनसेट
एक पार्किंग 14 साल से बन रही, दूसरी का निर्माण नहीं हुआ शुरू
शहर में पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए गुरुद्वारा चौक और चंगर सेक्टर स्थित परिधि गृह के साथ बहुमंजिला दो पार्किंग बनाने के लिए शिलान्यास किए गए थे। गुरुद्वारा चौक के पास पार्किंग बनाने का काम साल 2011 में शुरू हुआ, लेकिन धरातल मंजिल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद साल 2013 में निर्माण बंद हो गया। इसके बाद करीब 11 साल तक निर्माण कार्य अधर में लटका रहा। अब फिर से निर्माण कार्य शुरू हुआ है। दूसरी ओर परिधि गृह के पास बहुमंजिला पार्किंग के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन उसका निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। बताया जा रहा कि इस पार्किंग के निर्माण को रद्द कर दिया गया है।
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कोट
गुरुद्वारा मार्केट के पास करीब 300 वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। नगर परिषद बिलासपुर को भी संभावित जगहों पर यलो लाइन लगा कर पार्किंग स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में चरणबद्ध तरीके से पार्किंग क्षमता का बढ़ाया जा रहा है।
अभिषेक कुमार गर्ग, एसडीएम, सदर