फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Vanshika first in speech and Twinkle first in slogan writing.

Bilaspur News: भाषण में वंशिका और नारा लेखन में ट्विंकल प्रथम

Thu, 28 Mar 2024 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 11:15 PM IST
विज्ञापन
Vanshika first in speech and Twinkle first in slogan writing.
- धनी स्कूल में बच्चों को टीबी के प्रति किया जागरूक
विज्ञापन

-स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व क्षय (टीबी) दिवस के उपलक्ष्य पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धनी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों के लिए भाषण और नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही बच्चों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया।

भाषण में वंशिका ने पहला, साक्षी ने दूसरा और सविता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। नारा लेखन में ट्विंकल ने पहला, अंजु ने दूसरा और काजल कुमारी ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर बच्चों ने नाटक भी प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को सम्मानित भी किया गया। बच्चों को जानकारी देते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत राम ने बताया कि हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को विश्व तपेदिक दिवस या क्षयरोग के नाम से भी जाना जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच टीबी रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है। टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु से होती है। टीबी एक संक्रामक बीमारी है। इसका इलाज संभव है। टीबी रोग आमतौर पर फेफड़ों से होता है। यह व्यक्ति के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। 24 मार्च 1882 को डॉ. रॉबर्ट कोच ने टीबी रोग के लिए जिम्मेदार माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया की खोज की थी। डॉ रॉबर्ट कोच की खोज आगे चलकर टीबी के इलाज में बहुत मददगार साबित हुई। डॉ. अनंत राम ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग टीबी उन्मूलन अभियान चला रहा है। इस समय बिलासपुर जिले में 843 लोग टीबी के मरीज हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है उन्हें बताया कि देशभर में करीब 5 लाख लोग हर वर्ष टीबी की बीमारी से मर जाते हैं। इसका मरीज लगभग 10 लोगों को संक्रमण देता है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर अस्पताल में टीबी के इलाज के लिए एक अलग इकाई स्थापित की गई है। जहां पर अन्य तरीकों से टीबी के मरीजों की पहचान करके उन्हें दवाइयां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि टीबी के लक्षण दिखने पर शीघ्र जांच कराएं। इस मौके पर स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार, सुशील, जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष कुमार, रजनीश शर्मा और खंड स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed