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मिट्टी की जांच के बिना खाद का प्रयोग व्यर्थ : डॉ. गुप्ता
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जवाहर नवोदय में बच्चों को दी मृदा से जुड़ी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार को कृषि विभाग,आत्मा परियोजना व बिलासपुर कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों द्वारा मृदा स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। आतमा परियोजना के उप परियोजना निदेशक डॉ. रितेश गुप्ता ने बताया कि जब तक किसान के खेत की मिट्टी की जांच न हो तब तक खेत में कोई भी रासायनिक खाद व्यर्थ है।
कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं से मृदा वैज्ञानिक गौरव ने बच्चों को पौधों में डाले जाने वाले आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी दी। उनमें पाई जाने वाली कमियों से संबंधित रोगों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। फसल की बेहतर पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के बाद ही आवश्यकतानुसार खादों का प्रयोग किया जाना चाहिए। मृदा परीक्षण अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के सभी किसानों और बागवानों के खेतों की मिट्टी की निशुल्क जांच की जाती है। जांच रिपोर्ट मृदा स्वास्थ्य कार्ड के रूप में किसान को दी जाती है। इसके के आधार पर खेतों में खादों को डाला जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य व अन्य शिक्षकों के साथ विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर गौरव, आत्मा परियोजना के उप परियोजना निदेशक डॉक्टर रितेश गुप्ता, मृदा जांच अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर गोपाल कृष्ण व कृषि प्रसार अधिकारी हर्ष धीमान ने विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य व मृदा परीक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार को कृषि विभाग,आत्मा परियोजना व बिलासपुर कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों द्वारा मृदा स्वास्थ्य विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। आतमा परियोजना के उप परियोजना निदेशक डॉ. रितेश गुप्ता ने बताया कि जब तक किसान के खेत की मिट्टी की जांच न हो तब तक खेत में कोई भी रासायनिक खाद व्यर्थ है।
कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं से मृदा वैज्ञानिक गौरव ने बच्चों को पौधों में डाले जाने वाले आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी दी। उनमें पाई जाने वाली कमियों से संबंधित रोगों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। फसल की बेहतर पैदावार के लिए मिट्टी की जांच के बाद ही आवश्यकतानुसार खादों का प्रयोग किया जाना चाहिए। मृदा परीक्षण अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के सभी किसानों और बागवानों के खेतों की मिट्टी की निशुल्क जांच की जाती है। जांच रिपोर्ट मृदा स्वास्थ्य कार्ड के रूप में किसान को दी जाती है। इसके के आधार पर खेतों में खादों को डाला जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य व अन्य शिक्षकों के साथ विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर गौरव, आत्मा परियोजना के उप परियोजना निदेशक डॉक्टर रितेश गुप्ता, मृदा जांच अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर गोपाल कृष्ण व कृषि प्रसार अधिकारी हर्ष धीमान ने विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य व मृदा परीक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की।
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