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सेवानिवृत्तों को सेवा विस्तार देने का संघ ने किया विरोध
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जा रहा है। सैकड़ों कर्मचारी पदोन्नति की आस लगाए बैठे हैं। ऐसे हालातों में इन कर्मचारियों के भविष्य की चिंता कौन करेगा। प्रदेश राज्य कनिष्ठ अभियंता संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि सरकार अपने चहेतों को इस प्रकार का विस्तार देकर अन्य कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार सेवा विस्तार के पीछे की मंशा को स्पष्ट करे।
उन्होंने कहा कि अभी सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत एक सेवानिवृत्त सहायक अभियंता ज्वालामुखी की सेवाएं 31-8-2021 तक बढ़ा दी हैं। इससे पूर्व भी डाडासीबा मंडल कोटला बेहार जिला कांगड़ा को 3 दिसंबर 2020 से 2-5-2021 तक सेवा विस्तार किया गया था। अभियंताओं का मानना है कि यह परंपरा गलत है और संघ इस सेवा विस्तार का विरोध करता है। इससे पहले कई बार सरकार और विभाग के आला अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से आग्रह किया जा चुका है कि किसी भी कर्मचारी को सेवा विस्तार न दिया जाए। इससे पदोन्नति की राह देख रहे अन्य कर्मचारियों की वरिष्ठता पर असर पड़ता है। हैरानी की बात है कि कई कनिष्ठ अभियंता पदोन्नति की राह देखते-देखते सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार ने इस तुगलकी फरमान को निरस्त नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के 40, मेकेनिकल एसडीओ के दस, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रीकल के छह पद रिक्त पड़े है। कर्मचारियों की पदोन्नति की फाइलें सचिव पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में कई महीनों से धूल फांक रही हैं। सरकार पदोन्नति करने की बजाय सेवानिवृत्त लोगों को उनकी सेवा में विस्तार कर इनका मजाक उड़ा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि संघ को मिलने का समय दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि अभी सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत एक सेवानिवृत्त सहायक अभियंता ज्वालामुखी की सेवाएं 31-8-2021 तक बढ़ा दी हैं। इससे पूर्व भी डाडासीबा मंडल कोटला बेहार जिला कांगड़ा को 3 दिसंबर 2020 से 2-5-2021 तक सेवा विस्तार किया गया था। अभियंताओं का मानना है कि यह परंपरा गलत है और संघ इस सेवा विस्तार का विरोध करता है। इससे पहले कई बार सरकार और विभाग के आला अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से आग्रह किया जा चुका है कि किसी भी कर्मचारी को सेवा विस्तार न दिया जाए। इससे पदोन्नति की राह देख रहे अन्य कर्मचारियों की वरिष्ठता पर असर पड़ता है। हैरानी की बात है कि कई कनिष्ठ अभियंता पदोन्नति की राह देखते-देखते सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार ने इस तुगलकी फरमान को निरस्त नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के 40, मेकेनिकल एसडीओ के दस, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रीकल के छह पद रिक्त पड़े है। कर्मचारियों की पदोन्नति की फाइलें सचिव पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में कई महीनों से धूल फांक रही हैं। सरकार पदोन्नति करने की बजाय सेवानिवृत्त लोगों को उनकी सेवा में विस्तार कर इनका मजाक उड़ा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि संघ को मिलने का समय दिया जाए।
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