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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Under no circumstances will we allow crushers to be opened in Dhrug drain.

Bilaspur News: ध्रुग नाले में किसी भी सूरत में नहीं खोलने देंगे क्रशर

Thu, 25 Sep 2025 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 25 Sep 2025 11:35 PM IST
सार

बिलासपुर जिले की भराड़ी उपतहसील में ग्रामीणों ने क्रशर की एनओसी बिना सहमति जारी होने पर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने अनुमति रद्द करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विरोध तेज होने की चेतावनी भी दी गई।

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Under no circumstances will we allow crushers to be opened in Dhrug drain.
बिलासपुर में उपायुक्त को क्रशर के विरोध में ज्ञापन देने पहुंचे पंतेहड़ा के ग्रामीण। संवाद

विस्तार

ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर जताया विरोध
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बोले, बिना सहमति के जारी कर दी गई एनओसी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/भराड़ी। उपतहसील भराड़ी की ग्राम पंचायत पंतेहड़ा व मरहाणा के बीच स्थित ध्रुग नाले में क्रशर लगाने के खिलाफ ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। वीरवार को ग्रामीणों ने उपायुक्तराहुल कुमार को ज्ञापन सौंप कर इस क्रशर का विरोध जताया और मांग की कि यहां क्रेशर लगाने की अनुमति तुरंत रद्द की जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया। जहां-जहां क्रशर संचालित हो रहे थे या अवैध लकड़ी कटान हुआ है, उन्हीं क्षेत्रों में आपदा का सबसे अधिक कहर टूटा। ऐसे में नई अनुमति देना न केवल गैर-जिम्मेदाराना कदम है, बल्कि लोगों की जिंदगी और जमीन के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने कहा कि पंतेहड़ा पंचायत की ओर से जिस क्रशर के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया गया है, वह पूरी तरह संदिग्ध परिस्थितियों में जारी हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक साल पहले पंचायत की आम बैठक हुई थी। उस बैठक में क्रशर खोलने से संबंधित कोई भी प्रस्ताव या एजेंडा चर्चा के लिए ग्रामीणों के सामने नहीं रखा गया। कार्रवाई रजिस्टर में बैठक का विवरण दर्ज करने के बाद कई पन्ने खाली छोड़ दिए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इन्हीं खाली पन्नों में बाद में क्रेशर से संबंधित प्रस्ताव लिख दिया गया और एनओसी जारी कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में उन्हें अंधेरे में रखा गया। पंचायत की आमसभा में यदि इस प्रस्ताव पर चर्चा होती तो ग्रामीण खुलकर इसका विरोध करते। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधियों ने दबाव या निजी स्वार्थ के चलते जनता की आवाज को दबा दिया और नियमों को ताक पर रखकर क्रशर मालिक को फायदा पहुंचाया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जिस जगह क्रशर लगाने की अनुमति दी गई है, वहां निजी और सरकारी जमीनें मौजूद हैं। यदि यहां क्रशर शुरू होता है, तो आसपास की उपजाऊ कृषि भूमि बर्बाद हो जाएगी।
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ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि वे किसी भी सूरत में इस क्रशर को नहीं चलने देंगे। विरोध में अब तक 200 से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और पंचायत की ओर से जारी की गई एनओसी की वैधता की जांच हो। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और क्रशर लगाने की प्रक्रिया को रोका नहीं गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर डॉ. रितिक, पूर्व जिला परिषद इंदु शर्मा, ब्रह्मदास गौतम, किशोरीलाल, कुलदीप कुमार, दिनेश कुमार, सतीश कुमार शर्मा, हंसराज, कृष्णलाल और दीप कुमार मौजूद रहे।
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