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Bilaspur News: ब्रहमपुखर-नम्होल फोरलेन निर्माण के कारण सड़क पर सफर मुश्किल
Mon, 13 Apr 2026 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:37 PM IST
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निर्माणाधीन ब्रहमपुखर-नम्होल फोरलेन किनारे रखी प्लेट। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
सड़क पर खुले में फेंकी है निर्माण सामग्री, संकरी सड़कें, अंधेरा चौक
हादसों का बढ़ा खतरा, लोगों में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर ब्रहमपुखर से नम्होल के बीच चल रहा फोरलेन निर्माण कार्य गंभीर लापरवाही का शिकार होता नजर आ रहा है। मौके की स्थिति यह है कि सड़क किनारे खुले में बेतरतीब ढंग से पड़ी सरिया, लोहे के एंगल, पत्थर और निर्माण सामग्री ने पूरे मार्ग को जोखिमपूर्ण बना दिया है। निर्माण कार्य के चलते मुख्य सड़क कई स्थानों पर संकरी हो गई है, जिससे दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए आवागमन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन न तो निर्माण कंपनी और न ही प्रशासन स्थिति सुधारने को लेकर गंभीर दिखाई दे रहा है। ब्रहमपुखर चौक पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह कमजोर होने के कारण रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अंधेरे में बसों का इंतजार करना खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए असुरक्षित हो गया है। लोगों का कहना है कि रात को यहां खड़े होना मुश्किल हो गया है, कभी भी कोई हादसा हो सकता है। नम्होल क्षेत्र में निर्माण कार्य के चलते लगातार उड़ती धूल और बीच-बीच में किए जा रहे पानी के छिड़काव से सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन रही है। इससे दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। लगभग 11 पटवार सर्किलों के करीब 25 हजार लोग इस मार्ग से रोजाना आवाजाही करते हैं, लेकिन मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था नदारद है। ग्रामीणों व दुकानदार जियालाल, अशोक कुमार, रामलोक ठाकुर, सुनील ठाकुर, अश्विनी,सोहनलाल, शैलेंद्र पाल, सुरेश कुमार, आदित्य कुमार, बिट्टू, सावित्री देवी, सोनिया देवी, बसंती देवी, बीजू कुमार आदि ने कहा कि मार्ग की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
बताया कि लगातार धूल-मिट्टी के कारण न केवल लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पशुओं का चारा भी खराब हो रहा है। इससे पशुओं में बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। चिलग गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे बिना सुरक्षा रखी गई सरिया, सीमेंट के खंभे और पत्थर किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकते हैं। ग्रामीणों और दुकानदारों ने निर्माण कंपनी और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। चेतावनी दी है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो वे आंदोलन करने और निर्माण कार्य को रोकने तक की बात पर मजबूर होंगे। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि संबंधित विभाग से इस बारे में बात कर लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। संवाद
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सड़क पर खुले में फेंकी है निर्माण सामग्री, संकरी सड़कें, अंधेरा चौक
हादसों का बढ़ा खतरा, लोगों में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर ब्रहमपुखर से नम्होल के बीच चल रहा फोरलेन निर्माण कार्य गंभीर लापरवाही का शिकार होता नजर आ रहा है। मौके की स्थिति यह है कि सड़क किनारे खुले में बेतरतीब ढंग से पड़ी सरिया, लोहे के एंगल, पत्थर और निर्माण सामग्री ने पूरे मार्ग को जोखिमपूर्ण बना दिया है। निर्माण कार्य के चलते मुख्य सड़क कई स्थानों पर संकरी हो गई है, जिससे दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए आवागमन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन न तो निर्माण कंपनी और न ही प्रशासन स्थिति सुधारने को लेकर गंभीर दिखाई दे रहा है। ब्रहमपुखर चौक पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह कमजोर होने के कारण रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अंधेरे में बसों का इंतजार करना खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए असुरक्षित हो गया है। लोगों का कहना है कि रात को यहां खड़े होना मुश्किल हो गया है, कभी भी कोई हादसा हो सकता है। नम्होल क्षेत्र में निर्माण कार्य के चलते लगातार उड़ती धूल और बीच-बीच में किए जा रहे पानी के छिड़काव से सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन रही है। इससे दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। लगभग 11 पटवार सर्किलों के करीब 25 हजार लोग इस मार्ग से रोजाना आवाजाही करते हैं, लेकिन मूलभूत सुरक्षा व्यवस्था नदारद है। ग्रामीणों व दुकानदार जियालाल, अशोक कुमार, रामलोक ठाकुर, सुनील ठाकुर, अश्विनी,सोहनलाल, शैलेंद्र पाल, सुरेश कुमार, आदित्य कुमार, बिट्टू, सावित्री देवी, सोनिया देवी, बसंती देवी, बीजू कुमार आदि ने कहा कि मार्ग की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
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बताया कि लगातार धूल-मिट्टी के कारण न केवल लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पशुओं का चारा भी खराब हो रहा है। इससे पशुओं में बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। चिलग गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे बिना सुरक्षा रखी गई सरिया, सीमेंट के खंभे और पत्थर किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकते हैं। ग्रामीणों और दुकानदारों ने निर्माण कंपनी और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। चेतावनी दी है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो वे आंदोलन करने और निर्माण कार्य को रोकने तक की बात पर मजबूर होंगे। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि संबंधित विभाग से इस बारे में बात कर लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। संवाद

निर्माणाधीन ब्रहमपुखर-नम्होल फोरलेन किनारे रखी प्लेट। संवाद
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