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Bilaspur News: पुराने भवनों को भूकंपरोधी बनाना सीखेंगे अब आईटीआई के प्रशिक्षु
Wed, 16 Oct 2024 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 16 Oct 2024 11:05 PM IST
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प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अगले सत्र से रेट्रोफिटिंग कोर्स
तकनीकी शिक्षा बोर्ड तैयार कर रहा पाठ्यक्रम, खुलेंगे रोजगार के द्वार
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश में पुराने भवन बनेंगे भूकंपरोधी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भूकंप को लेकर संवेदनशील हिमाचल में अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षुओं को पुराने भवनों को भूकंपरोधी बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से रेट्रोफिटिंग कोर्स के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। अगले सत्र से प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इस नए कोर्स को शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश में सरकारी विभागों के अलावा कई शिक्षण संस्थानों के पुराने सालों पुराने हैं। कई निजी भवन भी सालों पुराने हैं। यह भवन भूकंपरोधी तकनीक से नहीं बनाए गए हैं। इन भवनों को भूकंपरोधी बनाने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत रहती है। हिमाचल में अभी इस तरह के विशेषज्ञ कम ही हैं। आईटीआई में यह कोर्स शुरू होने से ऐसे लोगों की कमी पूरी होगी। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। प्रदेश में भूकंप की आशंका हर समय बनी रहती हैं। इससे पुराने भवनों के गिरने का खतरा रहता है। रेट्रोफिटिंग विशेषज्ञ होने से पुराने भवन तेजी से भूकंपरोधी बनाए जा सकेंगे। 100 साल से प्रदेश में कोई बड़ा भूकंप आया भी नहीं है। बड़े भूकंप से बचने के लिए पुराने भवनों का मजबूत होना जरूरी है। इसलिए रेट्रोफिटिंग के लिए स्किल्ड मैनपावर तैयार करना जरूरी समझा जा रहा है। यह कोर्स करने के बाद युवाओं को सरकारी क्षेत्र में भी मौका मिल सकता है। युवा अपने स्तर भी काम शुरू कर सकता है। इससे रोजगार के द्वार खुलेंगे।
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तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि आईटीआई में रेट्रोफिटिंग कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है। इस कोर्स को आईटीआई में शुरू करने की योजना है।उन्होंने बताया कि कृषि और उद्यान क्षेत्र में वैज्ञानिकों की रिसर्च को धरातल पर उतारने के लिए भी स्किल्ड मैनपावर की आवश्यकता है। इसके लिए कोर्स डिजाइन कराए जा रहे हैं। इनमें से कुछ कोर्स पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज में भी शुरू किए जाएंगे।
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बंदला हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिक व्हीकल में होगी एमटेक
बंदला हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में अगले साल से इलेक्ट्रिक व्हीकल में एमटेक शुरू करने की तैयारी है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। ताकि, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।
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तकनीकी शिक्षा बोर्ड तैयार कर रहा पाठ्यक्रम, खुलेंगे रोजगार के द्वार
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश में पुराने भवन बनेंगे भूकंपरोधी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भूकंप को लेकर संवेदनशील हिमाचल में अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षुओं को पुराने भवनों को भूकंपरोधी बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से रेट्रोफिटिंग कोर्स के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। अगले सत्र से प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इस नए कोर्स को शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश में सरकारी विभागों के अलावा कई शिक्षण संस्थानों के पुराने सालों पुराने हैं। कई निजी भवन भी सालों पुराने हैं। यह भवन भूकंपरोधी तकनीक से नहीं बनाए गए हैं। इन भवनों को भूकंपरोधी बनाने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत रहती है। हिमाचल में अभी इस तरह के विशेषज्ञ कम ही हैं। आईटीआई में यह कोर्स शुरू होने से ऐसे लोगों की कमी पूरी होगी। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। प्रदेश में भूकंप की आशंका हर समय बनी रहती हैं। इससे पुराने भवनों के गिरने का खतरा रहता है। रेट्रोफिटिंग विशेषज्ञ होने से पुराने भवन तेजी से भूकंपरोधी बनाए जा सकेंगे। 100 साल से प्रदेश में कोई बड़ा भूकंप आया भी नहीं है। बड़े भूकंप से बचने के लिए पुराने भवनों का मजबूत होना जरूरी है। इसलिए रेट्रोफिटिंग के लिए स्किल्ड मैनपावर तैयार करना जरूरी समझा जा रहा है। यह कोर्स करने के बाद युवाओं को सरकारी क्षेत्र में भी मौका मिल सकता है। युवा अपने स्तर भी काम शुरू कर सकता है। इससे रोजगार के द्वार खुलेंगे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि आईटीआई में रेट्रोफिटिंग कोर्स शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है। इस कोर्स को आईटीआई में शुरू करने की योजना है।उन्होंने बताया कि कृषि और उद्यान क्षेत्र में वैज्ञानिकों की रिसर्च को धरातल पर उतारने के लिए भी स्किल्ड मैनपावर की आवश्यकता है। इसके लिए कोर्स डिजाइन कराए जा रहे हैं। इनमें से कुछ कोर्स पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज में भी शुरू किए जाएंगे।
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बंदला हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिक व्हीकल में होगी एमटेक
बंदला हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में अगले साल से इलेक्ट्रिक व्हीकल में एमटेक शुरू करने की तैयारी है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। ताकि, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।
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