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Bilaspur News: दसलेहड़ा में किसानों को दिया जा रहा रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण
Wed, 06 Aug 2025 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:19 PM IST
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रेशम कीट रोग और प्रबंधन की दी जा रही जानकारी
आज होगा तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रेशम विभाग व केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में रेशम केंद्र दसलेहड़ा में तीन दिवसीय कार्यशाला में किसानों को रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को रेशम कीट पालन, कीट रोग और प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है।
कार्यशाला का आयोजन सीएसआर एंड टीई योजना के तहत दसलेहड़ा सहित आसपास के गांव में रेशम पालन कर रहे किसानों के लिए किया गया है। दूसरे दिन बुधवार को रेशम विभाग की विकास अधिकारी वंदना शर्मा ने किसानों को रेशम कीट पालन और सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। केंद्रीय रेशम बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. रीता सिंह ने किसानों को रेशम कीटों से संबंधित बीमारियों, कीट संक्रमण और उनके प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने रेशम कीटों में फैलने वाले सामान्य रोगों जैसे ग्रॉसेरी फ्लाचरी, मस्कार्डिन आदि के लक्षणों कारणों और रोकथाम के वैज्ञानिक तरीकों पर प्रकाश डाला। रेशम कार्यालय घुमारवीं से रेशम विकास अधिकारी वंदना शर्मा ने किसानों को रेशम कीट पालन संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने रेशम कीट के जीवन चक्र, रेशम उत्पादन और शहतूत पौधों के विषय पर किसानों के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि रेशम कीट पालन एक नकदी फसल है और किसान इससे अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इस अवसर पर रेशम कीट पालन केंद्र संगासवीं से ममता कुमारी और केंद्रीय रेशम बोर्ड से प्रवीण उपस्थित रहे।
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आज होगा तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रेशम विभाग व केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में रेशम केंद्र दसलेहड़ा में तीन दिवसीय कार्यशाला में किसानों को रेशम कीट पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को रेशम कीट पालन, कीट रोग और प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है।
कार्यशाला का आयोजन सीएसआर एंड टीई योजना के तहत दसलेहड़ा सहित आसपास के गांव में रेशम पालन कर रहे किसानों के लिए किया गया है। दूसरे दिन बुधवार को रेशम विभाग की विकास अधिकारी वंदना शर्मा ने किसानों को रेशम कीट पालन और सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। केंद्रीय रेशम बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. रीता सिंह ने किसानों को रेशम कीटों से संबंधित बीमारियों, कीट संक्रमण और उनके प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने रेशम कीटों में फैलने वाले सामान्य रोगों जैसे ग्रॉसेरी फ्लाचरी, मस्कार्डिन आदि के लक्षणों कारणों और रोकथाम के वैज्ञानिक तरीकों पर प्रकाश डाला। रेशम कार्यालय घुमारवीं से रेशम विकास अधिकारी वंदना शर्मा ने किसानों को रेशम कीट पालन संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने रेशम कीट के जीवन चक्र, रेशम उत्पादन और शहतूत पौधों के विषय पर किसानों के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि रेशम कीट पालन एक नकदी फसल है और किसान इससे अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इस अवसर पर रेशम कीट पालन केंद्र संगासवीं से ममता कुमारी और केंद्रीय रेशम बोर्ड से प्रवीण उपस्थित रहे।
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