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Bilaspur News: पांच शिक्षा खंडों में शुरू हुआ 220 अध्यापकों का प्रशिक्षण

Fri, 21 Mar 2025 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 21 Mar 2025 11:23 PM IST
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Training of 220 teachers started in five education blocks
बिलासपुर में आयोजित दूसरे चरण की कार्यशाला में उपस्थित अध्यापक । स्रोत : स्कूल प्रबंधन
-बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने के दिए जा रहे टिप्स
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-पहले चरण में 300 अध्यापकों दिया जा चुका है प्रशिक्षण

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। पाठशालाओं में बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने के लिए जिले के सभी शिक्षा खंडों में अध्यापकों के लिए दूसरे चरण की कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में 220 प्राइमरी व अपर प्राइमरी के शिक्षक भाग ले रहे हैं।

कार्यशाला के जिला समन्वयक दिग्विजय ने बताया कि इसमें शिक्षा खंड सदर में 40, घुमारवीं-1 में 43, घुमारवीं-2 में 40, स्वारघाट में 51 और झंडूता में 46 शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के नए गुर सीख रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले करीब 300 शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। उन्होंने बताया स्कूल जाने वाले बच्चों के पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए पढ़ाई में सकारात्मक भागीदारी जरूरी है। अगर बच्चे पढ़ाई में अच्छे होंगे तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह सीखने में भी रुचि दिखाएंगे। उन्होंने बताया स्कूल के दौरान बच्चों पर पढ़ाई से संबंधित जिम्मेदारियां बहुत ज्यादा होती हैं। कुछ बच्चे सभी कामों को समय पर पूरा कर लेते हैं लेकिन कुछ ऐसा नहीं कर पाते। उन्होंने अध्यापकों को बताया कि बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने से पहले उन बिंदुओं का पता लगाएं जो उन्हें पढ़ाई करने से रोक रहे हो। उन्होंने बताया कि बच्चों में सबसे पहले अध्यापक को पता करना चाहिए कि क्या छात्र में आत्मविश्वास की कमी तो नहीं है। इस दौरान स्रोत व्यक्ति अवनीश कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि बच्चों को नई-नई तकनीक से सिखाया जा रहा है, लेकिन बच्चा फिर भी नहीं सीख रहा है। इसलिए बच्चों को बेहतर तरीके से सिखाने के लिए अध्यापकों को टिप्स दिए जा रहे हैं। उन्होंने अध्यापकों को बताया कि पहले बच्चे की जांच करें कि वह क्यों नहीं सीख रहा है। उसके बाद शिक्षण को प्रभावी ढंग से पढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिए उन्हें सभी आवश्यक चीजें दें, जो उनके अध्ययन को आसान बनाती हों। बच्चे के अध्ययन के लिए शांत और ध्यान न भटकाने वाली जगह चुने। इस मौके पर डाइट जुखाला के उप प्रधानाचार्य संजय शर्मा, महेंद्र कुमार और मोनिका सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।
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