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तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अपग्रेड करें प्रशिक्षणार्थी : धर्माणी
Sat, 03 Jan 2026 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 03 Jan 2026 11:50 PM IST
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बिलासपुर आईटीआई में आयोजित कार्यक्रम में जल रक्षकों को प्रमाण पत्र बांटते मंत्री राजेश धर्माणी
आईटीआई बिलासपुर में जल रक्षकों को बांटे प्रमाणपत्र
तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों को एआई केंद्रित बनाना समय की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों के लिए प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम हुआ, जिसमें तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र बांटे और शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में प्रशिक्षणार्थियों को समय के साथ स्वयं को लगातार अपग्रेड करते रहना होगा। अर्जित ज्ञान और कौशल में व्यावहारिकता लाकर ही युवा अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का अहम फैसला लिया है। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने जल रक्षकों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण भाव के साथ ग्रामीण स्तर पर बेहतर सेवाएं प्रदान करें। मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों को एआई केंद्रित बनाना समय की मांग है। कहा कि तकनीकी संस्थानों से कुशल मानव संसाधन तैयार होना चाहिए, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह समय जीवन में खुद को व्यावसायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से स्थापित करने का सर्वोत्तम अवसर है। तकनीकी श्रम शक्ति ही समाज की समस्याओं का बेहतर समाधान दे सकती है। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निजी उद्यमों के सहयोग से प्रशिक्षण देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मंत्री ने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त रहने के लिए नियमित योग व ध्यान अपनाने का भी आह्वान किया। इससे पहले संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने बताया कि नल-जल योजना के तहत 25 जल रक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि वर्तमान में आईटीआई बिलासपुर में विभिन्न ट्रेडों में 380 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इस अवसर पर कांग्रेस नेता विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, नंद प्रकाश वोहरा, राजेंद्र सिंह ठाकुर, निर्मला राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों को एआई केंद्रित बनाना समय की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में नल-जल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों के लिए प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम हुआ, जिसमें तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त जल रक्षकों को प्रमाणपत्र बांटे और शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में प्रशिक्षणार्थियों को समय के साथ स्वयं को लगातार अपग्रेड करते रहना होगा। अर्जित ज्ञान और कौशल में व्यावहारिकता लाकर ही युवा अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की तरक्की से ही प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले जल रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले जल रक्षकों को अनुबंध के आधार पर तैनाती देने का अहम फैसला लिया है। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने जल रक्षकों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण भाव के साथ ग्रामीण स्तर पर बेहतर सेवाएं प्रदान करें। मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रमों को एआई केंद्रित बनाना समय की मांग है। कहा कि तकनीकी संस्थानों से कुशल मानव संसाधन तैयार होना चाहिए, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह समय जीवन में खुद को व्यावसायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से स्थापित करने का सर्वोत्तम अवसर है। तकनीकी श्रम शक्ति ही समाज की समस्याओं का बेहतर समाधान दे सकती है। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में निजी उद्यमों के सहयोग से प्रशिक्षण देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मंत्री ने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त रहने के लिए नियमित योग व ध्यान अपनाने का भी आह्वान किया। इससे पहले संस्थान के प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने बताया कि नल-जल योजना के तहत 25 जल रक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि वर्तमान में आईटीआई बिलासपुर में विभिन्न ट्रेडों में 380 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इस अवसर पर कांग्रेस नेता विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल, जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा, नंद प्रकाश वोहरा, राजेंद्र सिंह ठाकुर, निर्मला राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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