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Bilaspur News: फोरलेन पर आवाजाही रुकी तो पुराने एनएच की खुली पोल
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बलकार सिंह।
स्वारघाट टनल-1 से मंडी भराड़ी तक यातायात बंद होने पर गड्ढों और खराब सड़क के बीच फंसे वाहन
लोगों को 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी करनी पड़ी तय,एम्स जाने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
कई जगह वाहनों की लंबी कतारें, गड्ढों और तीखे मोड़ों ने और बढ़ाई परेशानी
सरित शर्मा
ऋषिकेश (बिलासपुर)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तहत स्वारघाट कैंची मोड़ टनल-1 से मंडी भराड़ी चौक तक शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक यातायात बंद रहा। निर्माण कार्य के लिए की गई इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ा। फोरलेन बंद होने के साथ ही सभी सामान्य वाहनों को पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरना पड़ा। यह मार्ग पहले ही जर्जर हालत में है।
जगह-जगह गड्ढे, संकरी सड़क, तीखे मोड़ और लगातार बारिश के कारण सफर और मुश्किल हो गया। लोगों को करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी और गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक समय लगा। दोपहर होते-होते पुराने हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया। छोटे वाहनों के साथ-साथ बसें और भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते रहे। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क की खराब हालत के कारण वाहन धीमी गति से चलते रहे। इसका असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ा जिन्हें समय पर अस्पताल, कार्यालय, शिक्षण संस्थान या अन्य जरूरी काम से बाहर जाना था। एम्स बिलासपुर आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। इलाज करवाकर लौट रहे मरीजों को भी लंबा और थकाऊ सफर करना पड़ा। वहीं चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले विद्यार्थी व नौकरीपेशा लोग भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कई यात्रियों ने कहा कि यदि पहले से व्यापक स्तर पर सूचना मिल जाती तो वे वैकल्पिक मार्गों का चयन कर सकते थे। लोगों ने कहा कि मरम्मत आवश्यक है, लेकिन जब भी इस तरह यातायात रोका जाए तो पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग को पहले दुरुस्त किया जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति में यह मार्ग भारी यातायात का दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से न केवल सफर को लंबा बनाते हैं बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा देते हैं। लोगों ने कहा कि प्रशासन को सड़क बंदी की सूचना और अधिक प्रभावी ढंग से पहले ही लोगों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले यात्री अपनी यात्रा की योजना बदल सकें। कई वाहन चालक बिना जानकारी के स्वारघाट तक पहुंच गए और वहां से उन्हें पुराने मार्ग पर लौटना पड़ा, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हुई। संवाद
इनसेट
मां को पीजीआई ले जाना है, हर मिनट हमारे लिए अहम
नंगल डैम निवासी सुरेंद्र कुमार अपनी माता को उपचार के लिए एम्स बिलासपुर लेकर आए थे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द चंडीगढ़ पहुंचना जरूरी है, लेकिन फोरलेन बंद होने से अब पुराने मार्ग से जाना पड़ रहा है। सड़क की हालत खराब होने के कारण सफर लंबा हो गया है और चिंता बढ़ गई है। उनका कहना था कि गंभीर मरीजों के लिए इस तरह की देरी परेशानी बढ़ा देती है।
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समय पर चंडीगढ़ नहीं पहुंच पाता, इसलिए यात्रा टालनी पड़ी
पट्टा निवासी उदय कुमार पढ़ाई के सिलसिले में चंडीगढ़ जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में फोरलेन बंद होने की जानकारी मिली। पुराने मार्ग से जाने पर समय पर चंडीगढ़ पहुंचना संभव नहीं था। मजबूरी में उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि पहले सूचना मिल जाती तो वह दूसरे रास्ते से निकल सकते थे।
खराब सड़क ने सफर मुश्किल कर दिया
ऊना निवासी केशव एम्स बिलासपुर में अपना कार्य पूरा कर वापस घर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि फोरलेन बंद होने से पुराने स्वारघाट मार्ग से गुजरना पड़ा। सड़क जगह-जगह टूटी हुई है और लगातार मोड़ों के कारण सफर में काफी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि इलाज करवाकर लौटने वाले मरीजों के लिए यह रास्ता काफी थकाऊ साबित हो रहा है।
पहले पता होता तो हमीरपुर से ऊना होकर निकल जाते
हमीरपुर निवासी अविनाश चंडीगढ़ जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से सड़क बंद होने की जानकारी नहीं थी। अगर इसकी जानकारी होती तो वह हमीरपुर से ऊना वाले मार्ग का चयन करते। अब उन्हें लंबे डायवर्जन से होकर जाना पड़ रहा है। इससे समय भी अधिक लग रहा है और खराब सड़क के कारण सफर भी काफी कठिन हो गया है।
बेटी की परीक्षा खत्म, अब वापसी का सफर बना परेशानी
हरियाणा निवासी बलकार सिंह अपनी बेटी को मंडी परीक्षा दिलाने आए थे। उन्होंने बताया कि वापसी के समय सड़क बंद होने के कारण पुराने मार्ग से जाना पड़ रहा है। लंबा रास्ता और सड़क की खराब हालत के कारण परिवार के साथ सफर करना काफी मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वैकल्पिक मार्ग की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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लोगों को 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी करनी पड़ी तय,एम्स जाने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
कई जगह वाहनों की लंबी कतारें, गड्ढों और तीखे मोड़ों ने और बढ़ाई परेशानी
सरित शर्मा
ऋषिकेश (बिलासपुर)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तहत स्वारघाट कैंची मोड़ टनल-1 से मंडी भराड़ी चौक तक शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक यातायात बंद रहा। निर्माण कार्य के लिए की गई इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ा। फोरलेन बंद होने के साथ ही सभी सामान्य वाहनों को पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरना पड़ा। यह मार्ग पहले ही जर्जर हालत में है।
जगह-जगह गड्ढे, संकरी सड़क, तीखे मोड़ और लगातार बारिश के कारण सफर और मुश्किल हो गया। लोगों को करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी और गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक समय लगा। दोपहर होते-होते पुराने हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया। छोटे वाहनों के साथ-साथ बसें और भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते रहे। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क की खराब हालत के कारण वाहन धीमी गति से चलते रहे। इसका असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ा जिन्हें समय पर अस्पताल, कार्यालय, शिक्षण संस्थान या अन्य जरूरी काम से बाहर जाना था। एम्स बिलासपुर आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। इलाज करवाकर लौट रहे मरीजों को भी लंबा और थकाऊ सफर करना पड़ा। वहीं चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले विद्यार्थी व नौकरीपेशा लोग भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कई यात्रियों ने कहा कि यदि पहले से व्यापक स्तर पर सूचना मिल जाती तो वे वैकल्पिक मार्गों का चयन कर सकते थे। लोगों ने कहा कि मरम्मत आवश्यक है, लेकिन जब भी इस तरह यातायात रोका जाए तो पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग को पहले दुरुस्त किया जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति में यह मार्ग भारी यातायात का दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से न केवल सफर को लंबा बनाते हैं बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा देते हैं। लोगों ने कहा कि प्रशासन को सड़क बंदी की सूचना और अधिक प्रभावी ढंग से पहले ही लोगों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले यात्री अपनी यात्रा की योजना बदल सकें। कई वाहन चालक बिना जानकारी के स्वारघाट तक पहुंच गए और वहां से उन्हें पुराने मार्ग पर लौटना पड़ा, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हुई। संवाद
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मां को पीजीआई ले जाना है, हर मिनट हमारे लिए अहम
नंगल डैम निवासी सुरेंद्र कुमार अपनी माता को उपचार के लिए एम्स बिलासपुर लेकर आए थे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द चंडीगढ़ पहुंचना जरूरी है, लेकिन फोरलेन बंद होने से अब पुराने मार्ग से जाना पड़ रहा है। सड़क की हालत खराब होने के कारण सफर लंबा हो गया है और चिंता बढ़ गई है। उनका कहना था कि गंभीर मरीजों के लिए इस तरह की देरी परेशानी बढ़ा देती है।
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समय पर चंडीगढ़ नहीं पहुंच पाता, इसलिए यात्रा टालनी पड़ी
पट्टा निवासी उदय कुमार पढ़ाई के सिलसिले में चंडीगढ़ जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में फोरलेन बंद होने की जानकारी मिली। पुराने मार्ग से जाने पर समय पर चंडीगढ़ पहुंचना संभव नहीं था। मजबूरी में उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि पहले सूचना मिल जाती तो वह दूसरे रास्ते से निकल सकते थे।
खराब सड़क ने सफर मुश्किल कर दिया
ऊना निवासी केशव एम्स बिलासपुर में अपना कार्य पूरा कर वापस घर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि फोरलेन बंद होने से पुराने स्वारघाट मार्ग से गुजरना पड़ा। सड़क जगह-जगह टूटी हुई है और लगातार मोड़ों के कारण सफर में काफी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि इलाज करवाकर लौटने वाले मरीजों के लिए यह रास्ता काफी थकाऊ साबित हो रहा है।
पहले पता होता तो हमीरपुर से ऊना होकर निकल जाते
हमीरपुर निवासी अविनाश चंडीगढ़ जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से सड़क बंद होने की जानकारी नहीं थी। अगर इसकी जानकारी होती तो वह हमीरपुर से ऊना वाले मार्ग का चयन करते। अब उन्हें लंबे डायवर्जन से होकर जाना पड़ रहा है। इससे समय भी अधिक लग रहा है और खराब सड़क के कारण सफर भी काफी कठिन हो गया है।
बेटी की परीक्षा खत्म, अब वापसी का सफर बना परेशानी
हरियाणा निवासी बलकार सिंह अपनी बेटी को मंडी परीक्षा दिलाने आए थे। उन्होंने बताया कि वापसी के समय सड़क बंद होने के कारण पुराने मार्ग से जाना पड़ रहा है। लंबा रास्ता और सड़क की खराब हालत के कारण परिवार के साथ सफर करना काफी मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वैकल्पिक मार्ग की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।

बलकार सिंह।

बलकार सिंह।

बलकार सिंह।

बलकार सिंह।

बलकार सिंह।