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कृषि विभाग ने किसानों को किया टिड्डियों के हमले से सचेत
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बिलासपुर। कृषि विभाग ने किसानों को टिड्डियों के हमले से सचेत किया है। उप कृषि निदेशक कुलदीप पटियाल ने बताया कि टिड्डी दल ने राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा की फसल खराब कर दी है। उत्तर प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में टिड्डी दल पहुंच गया है। एक टिड्डी दिनभर में 100 से 150 किमी तक उड़ सकती है। टिड्डी दल 20 से 25 मिनट में ही पूरी फसल बर्बाद कर सकता है। इसे 27 साल बाद सबसे बड़ा टिड्डी हमला माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर भारत में टिड्डियों का हमला राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में होता है। ये रेगिस्तानी टिड्डे होते हैं। इसलिए इन्हें ब्रीडिंग के लिए रेतीला इलाका पसंद आता है। इन टिड्डों का ब्रीडिंग पीरियड जून-जुलाई से अक्तूबर-नवंबर तक होता है। एफएओ के मुताबिक एक टिड्डी एक बार में 150 अंडे तक देती है। ऐसा कहा जाता है कि टिड्डियां बड़ी तेजी से बढ़ती हैं। इनकी पहली पीढ़ी 16 गुना, दूसरी पीढ़ी 400 गुना और तीसरी पीढ़ी 16 हजार गुना तेजी से बढ़ती है।
भारत में टिड्डियां पाकिस्तान के जरिये आती हैं। पाकिस्तान में ईरान से आती हैं। इसी साल फरवरी में टिड्डियों के हमलों को देखते हुए पाकिस्तान ने नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी थी। इसके बाद 11 अप्रैल से भारत में भी टिड्डियों का आना शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि फसलों को टिड्डियों से बचाने के लिए लोग डीजे तक बजा रहे हैं। फसलों को इन कीटों से बचाने का वैज्ञानिक तरीका तो कीटनाशकों का छिड़काव है। लेकिन, हमारे किसान अपने तरीके भी आजमाते हैं। इस साल पहली बार छत्तीसगढ़ में भी टिड्डियों का हमला होने का अंदेशा है। उन्होंने जिले के किसानों से आग्रह किया है कि सचेत रहें और इस संबंध में कृषि विभाग के दूरभाष नंबर 01978222454 और जिला कृषि अधिकारी 9418473075 से संपर्क करें।
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भारत में टिड्डियां पाकिस्तान के जरिये आती हैं। पाकिस्तान में ईरान से आती हैं। इसी साल फरवरी में टिड्डियों के हमलों को देखते हुए पाकिस्तान ने नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी थी। इसके बाद 11 अप्रैल से भारत में भी टिड्डियों का आना शुरू हो गया।
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उन्होंने बताया कि फसलों को टिड्डियों से बचाने के लिए लोग डीजे तक बजा रहे हैं। फसलों को इन कीटों से बचाने का वैज्ञानिक तरीका तो कीटनाशकों का छिड़काव है। लेकिन, हमारे किसान अपने तरीके भी आजमाते हैं। इस साल पहली बार छत्तीसगढ़ में भी टिड्डियों का हमला होने का अंदेशा है। उन्होंने जिले के किसानों से आग्रह किया है कि सचेत रहें और इस संबंध में कृषि विभाग के दूरभाष नंबर 01978222454 और जिला कृषि अधिकारी 9418473075 से संपर्क करें।
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