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Bilaspur News: पट्टा गांव में जमीन धंसने का खतरा, तीन मकान जमीन खतरे की जद में
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घुमारवीं के पट्टा गांव में बारिश के बाद जमीन पर पड़ी दीवारें। संवाद
घुमारवीं नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल ने किया मौका मुआयना
बारिश थमने के बाद जमीन में दरारें बढ़ीं, प्रशासन ने हालात पर रखी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर-1 बडू वार्ड के पट्टा गांव में भारी बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। बारिश थमने के बाद जैसे ही धूप निकली, जमीन में लगातार दरारें पड़नी शुरू हो गईं और अब जमीन धंसने लगी है। इस कारण गांव में बने तीन मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। मीरा देवी, शिव देई और कौशल्या देवी के मकान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जमीन खिसकने के चलते बरसों पुराना बड़ का पेड़ भी गिर गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। प्रभावित परिवार गहरी चिंता में हैं और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। शनिवार को नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन सतर्क है और जरूरत पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। लोगों का कहना है कि यदि दोबारा भारी बारिश हुई तो मौजूदा दरारें और चौड़ी हो सकती हैं तथा जमीन और ज्यादा धंस सकती है। इससे नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से बचा जा सके। फिलहाल प्रभावित परिवार राहत और सुरक्षा की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
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बारिश थमने के बाद जमीन में दरारें बढ़ीं, प्रशासन ने हालात पर रखी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर-1 बडू वार्ड के पट्टा गांव में भारी बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। बारिश थमने के बाद जैसे ही धूप निकली, जमीन में लगातार दरारें पड़नी शुरू हो गईं और अब जमीन धंसने लगी है। इस कारण गांव में बने तीन मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। मीरा देवी, शिव देई और कौशल्या देवी के मकान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जमीन खिसकने के चलते बरसों पुराना बड़ का पेड़ भी गिर गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। प्रभावित परिवार गहरी चिंता में हैं और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। शनिवार को नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन सतर्क है और जरूरत पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। लोगों का कहना है कि यदि दोबारा भारी बारिश हुई तो मौजूदा दरारें और चौड़ी हो सकती हैं तथा जमीन और ज्यादा धंस सकती है। इससे नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से बचा जा सके। फिलहाल प्रभावित परिवार राहत और सुरक्षा की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
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