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भारत में लगभग 10 करोड़ मधुमेह के रोगी : चंदेल

Fri, 17 Nov 2023 05:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Nov 2023 05:27 PM IST
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There are approximately 10 crore diabetic patients in India: Chandel
- अस्वस्थ भोजन, निष्क्रिय जीवन शैली, तनाव और मादक पदार्थों का सेवन मधुमेह के रोग के लिए जोखिम के कारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। राजकीय उच्च विद्यालय मातला में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर एनीमिया के किशोरावस्था पर दुष्प्रभाव, इम्यूनिटी पर स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। खंड स्वास्थ्य शिक्षक रमेश चंदेल ने कहा कि भारत में लगभग 10 करोड़ मधुमेह के रोगी हैं। लगभग 14 करोड़ की आबादी मधुमेह होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि मधुमेह टाइप–2 एक जन स्वास्थ्य समस्या है।
उन्होंने कहा कि अस्वास्थ्यकर भोजन, निष्क्रिय जीवन शैली, तनाव और मादक पदार्थों का सेवन मधुमेह के रोग के लिए जोखिम के कारक हैं, जबकि इन जोखिमों, कारकों को कम कर के लंबे समय तक मधुमेह से बचा जा सकता है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि मोटे अनाज, फल सब्जियों की अधिकता, सलाद और नट्स को दैनिक भोजन में शामिल करके, दिनभर में लगभग आधा घंटा शारीरिक श्रम करके मधुमेह टाइप–2 से बचा जा सकता है। सीजनल इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें। भोजन में ताजे फल, पर्याप्त तरल पदार्थ, सब्जियां, विटामिन डी, विटामिन सी युक्त पदार्थों का ज्यादा सेवन करें। किशोर–किशोरियां गले में खराश, खांसी, 100 डिग्री से ज्यादा बुखार रहने, सांस में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। एनीमिया पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 12 ग्राम प्रतिशत से कम होता है उन युवक -युवतियों में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, छाती और जोड़ो में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिर दर्द, त्वचा का पीला पड़ना, अनियमित दिल की धड़कन, सांस फूलना जैसी शिकायतें देखी जाती हैं।
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बताया कि जंक फूड छोड़ने, गृह निर्मित सादा भोजन करने से जीवन में कभी खून की कमी नहीं होगी। चंदेल ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा जहां हमारे एक, जहां हमारे हमारे पारिवारिक व्यवस्था को ध्वस्त कर देता है, वहीं दूसरी ओर नशा करने वाला बार-बार कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शिकार होता है। उसका व्यवहार चिड़चिड़ा, अस्थिर, गैर जिम्मेदाराना, आत्महीन, अनिर्णय, लाचार, निराशा, अवसाद ग्रस्त, अरुचिकर तथा सामाजिक तौर पर अलग-अलग हो जाता है। परिणाम स्वरूप लगभग हर घंटे में एक युवा आत्महत्या कर लेता है। इस अवसर पर एक स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें सुनैना प्रथम, ट्विंकल द्वितीय, मोहित और आदित्य तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओं को प्रधानाचार्य ने पुरस्कार भी प्रदान किए। कार्यक्रम में प्रवक्ता सोहनलाल, सुनील, संजीव, मनमोहन, मनजीत, आशा कार्यकर्ता सोमा, रानी तथा रेखा उपस्थित रहे।
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